30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अजमेर
मनी एक्सचेंजर हत्याकांड..गैंगस्टर जितेंद्र को सौंपा एक दिन के रिमांड पर
Play video

मनी एक्सचेंजर हत्याकांड..गैंगस्टर जितेंद्र को सौंपा एक दिन के रिमांड पर

यह कुख्यात गैंगस्टर भी है। पुलिस जीतू को शुक्रवार देर रात प्रोडक्शन वारंट से फुलेरा से गिरफ्तार कर अजमेर लाई थी।
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

raktim tiwari

•

Updated: 21 Sep 2019, 1:52 PM IST

अजमेर.

मनी एक्सचेंज कारोबारी मनीष मूलचंदानी (manish mulchandani) की हत्या एवं लूट के मास्टर माइंड जितेंद्र सिंह उर्फ जीतू बन्ना को शनिवार को पुलिस ने अदालत (court) में पेश किया। अदालत ने उसे एक दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपा है। रविवार को उसे दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।

read more: 13वां आरोपी गिरफ्तार, बंदियों के परिजन से करता था वसूली

आगरा गेट इलाके में 21 फरवरी को सरेआम फायर कर मनी एक्सचेंज कारोबारी (money exchange businessman) मनीष मूलचंदानी की हत्या हुई थी। पुलिस ने घटना के 5 महीने बाद 16 जुलाई को हत्याकांड का पर्दाफाश किया था। इसमें वारदात का मुख्य आरोपित कंवरासा जोबनेर निवासी जितेंद्र सिंह उर्फ जीतू बन्ना पुत्र दरबार सिंह है। यह कुख्यात गैंगस्टर भी है। पुलिस जीतू को शुक्रवार देर रात प्रोडक्शन वारंट से फुलेरा से गिरफ्तार (arrest) कर अजमेर लाई थी। कोतवाली थाना पुलिस ने जीतू को शनिवार को वरिष्ठ सिविल एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया है। अदालत ने उसे एक दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपा।

यूं बनाई थी गैंग

जीतू को अजमेर केंद्रीय कारागार में बंद चोरी के आरोपी ने मनी एक्सचेंजर मूलचंदानी के कारोबार और उसकी गतिविधियों की जानकारी दी थी। जीतू ने जयपुर जोबनेर बोराज निवासी मोईनुद्दीन उर्फ मैनू पुत्र हबीब खां के फार्म हाउस पर लूट (loot planning)की साजिश रची। इसमें मोईनुद्दीन, जोबनेर निवासी रणजीत सिंह उर्फ रणसा पुत्र किशन सिंह शेखावत, सीताराम व अर्जुन उर्फ अज्जू को भी शामिल किया।

read more: पीसांगन में स्टेट बैंक में लूट की सूचना पर महज 5 मिनट में पहुंची पुलिस और ………..

यूं अंजाम दी थी वारदात
वारदात से एक दिन पहले 20 फरवरी को जीतू और उसके साथियों ने जोधपुर (jodhpur) से जोबनेर लौटते समय फलौदी में सभी साथियों के मोबाइल बंद करा दिए। इसके बाद वे मनी एक्सचेंजर मूलचंदानी के कार्यालय की रैकी (racky) कर वापस जोधपुर लौट गए। 21 फरवरी को इस गैंग ने पूरी योजना के साथ मूलचंदानी के दफ्तर पर वारदात (incident) को अंजाम दिया। इससे पहले सीताराम और अर्जुन ने शास्त्रीनगर में एक दुकान से रूमाल और बैग भी खरीदा था। लूटने के बाद वे कार में बैठ गए। लेकिन मूलचंदानी ने उन्हें पकडऩे की कोशिश की तो रणजीत ने उस पर फायर (gn fire) कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई थी।

read more: MDSU: बोले कुलपति..बिल्डिंग बना लीं बड़ी-बड़ी, नहीं पढ़ रहे 8 विद्यार्थी