
कोरिया में मिली 14वीं-15वीं सदी की दुर्लभ बंदूक (सोर्स- ANI)
South Korea Ancient Gun History: कभी-कभी जमीन के नीचे दबा कोई छोटा-सा सामान इतिहास की बड़ी कहानी सामने ला देता है। दक्षिण कोरिया में भी कुछ ऐसा ही हुआ। सैनिकों को एक संदिग्ध माइनफील्ड की जांच के दौरान मिट्टी के अंदर एक छोटी कांसे की वस्तु मिली। पहली नजर में यह मामूली चीज लगी। लेकिन जांच आगे बढ़ी तो इसका इतिहास चौंकाने वाला निकला। यह कोई लैंडमाइन नहीं, बल्कि करीब 600 साल पुरानी बंदूक थी।
नवंबर 2023 में सैनिक दक्षिण-पश्चिमी दक्षिण कोरिया के माउंट ग्यूमसियोंग पर जांच कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें जमीन से करीब चार इंच नीचे यह वस्तु मिली। करीब तीन साल तक इसकी जांच की गई। नाजू नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ कल्चरल हेरिटेज के विशेषज्ञों ने इसकी पहचान ह्वांगजा ह्वाटोंग के रूप में की। इसे एक तरह की पुरानी ‘फायर ट्यूब’ माना जाता है।
यह करीब 10 इंच लंबी है। इसका वजन दो पाउंड से थोड़ा ज्यादा है। हथियार कांसे से बना है। इसमें तीन मुख्य हिस्से हैं। एक हिस्सा लकड़ी के हैंडल के लिए था। दूसरा गनपाउडर रखने के लिए था। तीसरे हिस्से से प्रोजेक्टाइल बाहर निकलता था।
इस खोज की सबसे खास बात इस पर खुदे 28 कोरियन अक्षर हैं। इनमें हथियार का नाम, वजन, इसे बनाने की देखरेख करने वाले अधिकारी और कारीगर की जानकारी मिलती है। एक अक्षर ‘八’ भी अलग से खुदा है। इसका मतलब ‘आठ’ होता है। संभव है कि यह किसी सूची या प्रोडक्शन संख्या को दर्शाता हो। सबसे अहम जानकारी अधूरी तारीख से मिली। इसमें ‘जियोंगसा वर्ष’ का उल्लेख है। कोरियाई लोग उस समय 60 साल के चक्र में वर्षों की पहचान करते थे। इसी आधार पर विशेषज्ञों ने इसके निर्माण का समय 1377 या 1437 माना है।
अगर यह 1377 का है, तो यह गोरियो राजवंश के आखिरी दौर का हथियार है। इसी समय सैन्य अधिकारी और आविष्कारक चोई म्यू-सन ने गनपाउडर हथियारों के उत्पादन के लिए सरकारी एजेंसी बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाई थी। अगर यह 1437 का है, तो यह राजा सेजोंग के शासनकाल का हथियार माना जाएगा।
सीटी स्कैन से हथियार की अंदरूनी बनावट के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसमें गोल आकार का पाउडर चैंबर था। इसकी डिजाइन बाद के सेजोंग-युग के हथियारों से अलग थी। इससे संकेत मिलता है कि यह तकनीक के शुरुआती दौर का हथियार हो सकता है। धातु की जांच में कॉपर, टिन और लेड का इस्तेमाल मिला। माइक्रोस्कोप से पुरानी कास्टिंग तकनीक और धातु की अशुद्धियों के निशान भी मिले। हालांकि, अंदर कोई पहचान योग्य पुराना गनपाउडर नहीं मिला।
वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि इस हथियार का इस्तेमाल इलाके की सुरक्षा के लिए हुआ होगा। माउंट ग्यूमसियोंग योंगसान नदी के पास है। पुराने समय में इस क्षेत्र में जापानी समुद्री डाकुओं के हमलों का खतरा रहता था। इस खोज की सबसे बड़ी अहमियत इसकी उम्र और पहचान में है। इससे पहले साफ तारीख वाला सबसे पुराना राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज कोरियाई फायरआर्म 1555 का चेओन्जा चोंगटोंग माना जाता था। अगर नया ह्वांगजा ह्वाटोंग 1437 का साबित होता है, तो रिकॉर्ड 118 साल पीछे चला जाता है। और अगर यह 1377 का है, तो अंतर 178 साल तक पहुंच जाता है। यही वजह है कि विशेषज्ञ इसे कोरिया के सैन्य और तकनीकी इतिहास की बेहद महत्वपूर्ण खोज मान रहे हैं।
Updated on:
06 Oct 2026 01:28 pm
Published on:
06 Oct 2026 01:28 pm
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