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Saudi Arabia Yemen Conflict: यमन में मोचा पर फिर सरकारी बलों का कब्जा, लाल सागर में बढ़ी रणनीतिक हलचल

Yemeni Forces Retake Mocha: यमन में मोचा की लड़ाई के साथ मध्य पूर्व का सुरक्षा संकट अब कई मोर्चों पर फैलता नजर आ रहा है। एक तरफ हूती ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई तेज हुई है, तो दूसरी ओर समुद्री मार्गों पर जहाजों की आवाजाही भी दबाव में है।
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भारत

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Manoj Vashisth

•

Oct 06, 2026

Saudi Arabia Yemen Conflict

Saudi Arabia Yemen Conflict: मोचा पर यमनी सेना का नियंत्रण, सऊदी कार्रवाई के बीच बढ़ा क्षेत्रीय तनाव (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

Saudi Arabia Yemen conflict: यमन के पश्चिमी तट पर स्थित मोचा पर फिर से कब्जे का दावा सामने आने के साथ क्षेत्रीय संघर्ष ने नया मोड़ ले लिया है। सऊदी समर्थित यमनी सरकारी बलों की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब हूती हमलों और ईरान के साथ बढ़े तनाव ने लाल सागर से लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य तक समुद्री सुरक्षा को चुनौती दी है। इसी बीच सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान ने भी सामूहिक सुरक्षा सहयोग को सक्रिय करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

Saudi Arabia Yemen Conflict: मोचा पर सरकारी बलों का दावा

यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की सेना ने रणनीतिक बंदरगाह शहर मोचा को हूती विद्रोहियों से वापस लेने की घोषणा की है। यह इलाका बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के करीब है, जो वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। रॉयटर्स के अनुसार, सऊदी समर्थित यमनी बलों ने बाब-अल-मंदेब के आसपास कई इलाकों में आगे बढ़ते हुए मोचा तक अपनी स्थिति मजबूत की।

इस सैन्य अभियान को सऊदी हवाई हमलों का भी समर्थन मिला है। हालांकि युद्धक्षेत्र से आने वाले दावों में विरोधाभास हैं और हूतियों ने सरकारी बलों की बढ़त के कुछ दावों को चुनौती दी है।

सऊदी पर हूतियों का पलटवार

जमीन पर बढ़ते दबाव के बीच हूती सैन्य प्रवक्ता ने सऊदी अरब के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा किया है। सऊदी तेल प्रतिष्ठानों और हवाई अड्डों को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे हमलों से सऊदी के ऊर्जा ढांचे और नागरिक सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ सकती है।

तुर्किये-पाकिस्तान भी मैदान में?

इसी बढ़ते खतरे के बीच सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान ने मक्का रक्षा समझौते के तहत सामूहिक सुरक्षा प्रतिबद्धताओं को तेजी से लागू करने पर सहमति जताई है। रियाद में हुई बैठक के बाद दोनों देशों की सैन्य क्षमताओं की सऊदी अरब में तेजी से तैनाती का रास्ता खुला है। अल जज़ीरा और रॉयटर्स ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की है।

होर्मुज पर भी बढ़ा खतरा

तनाव का दूसरा बड़ा केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य बना हुआ है। UK Maritime Trade Operations (UKMTO) ने एक टैंकर को अज्ञात प्रोजेक्टाइल से नुकसान पहुंचने की सूचना दी है। चालक दल सुरक्षित बताया गया है, लेकिन हमले के पीछे कौन था, यह स्पष्ट नहीं है।

उधर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा है कि 5 अक्टूबर तक अमेरिकी बल ईरान के खिलाफ जारी नौसैनिक नाकाबंदी के दौरान 130 वाणिज्यिक जहाजों को डायवर्ट कर चुके हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीधे संवाद की संभावना से इनकार नहीं किया है। इस बीच यमन से लेकर होर्मुज तक सैन्य गतिविधियों के बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर नजरें टिक गई हैं। खास तौर पर बाब-अल-मंदेब और होर्मुज जैसे समुद्री मार्गों में किसी बड़े व्यवधान का असर वैश्विक बाजारों तक पहुंच सकता है।