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बांग्लादेश में शेख हसीना के समर्थकों के साथ आखिर क्या हो रहा है? सरकार-पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल!

Bangladesh Opposition Arrests: बांग्लादेश में विपक्षी समर्थकों की बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी पर अब सवाल उठने लगा है। एक अमेरिका की ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन ने बताया कि यहां राजनीतिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
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भारत

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Saurabh Mall

•

Oct 06, 2026

Bangladesh Opposition Arrests

बांग्लादेश में विपक्षी समर्थकों की बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी पर उठा सवाल। फोटो में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (सोर्स- ANI)

Bangladesh Human Rights Latest Update: बांग्लादेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के समर्थकों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी ने मानवाधिकार संगठनों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका की ‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ (HRW) ने सरकार की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि राजनीतिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की आजादी को दबाया जा रहा है।

290 लोगों की हिरासत से शुरू हुआ विवाद

HRW के मुताबिक, 26 सितंबर को ढाका में एक छोटी लेफ्ट-विंग पार्टी की बैठक हुई थी। पुलिस ने इस बैठक में शामिल करीब 290 लोगों को हिरासत में ले लिया। आरोप लगाया गया कि यह बैठक प्रतिबंधित अवामी लीग की गुप्त बैठक थी। मामला तब और गंभीर हो गया, जब 27 लोगों को अदालत के आदेश के बाद हिरासत में भेजा गया। इन लोगों पर आरोप था कि उन्होंने ‘जॉय बांग्ला’ का नारा लगाया था। यह नारा अवामी लीग से जुड़ा माना जाता है।

बता दें जातीय समाज तांत्रिक दल पहले शेख हसीना के नेतृत्व वाले 14-पार्टी गठबंधन का हिस्सा रहा है। अवामी लीग ने 2009 से 2024 तक बांग्लादेश में सरकार चलाई थी।

अवामी लीग समर्थकों पर लगातार कार्रवाई का आरोप

HRW का कहना है कि यह अकेली घटना नहीं है। संगठन के अनुसार, पुलिस पहले भी अवामी लीग समर्थकों की कथित बैठकों पर कार्रवाई करती रही है। 26 सितंबर को ही बारीसाल में 12 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने उन पर तोड़फोड़ की योजना बनाने के लिए गुप्त बैठक करने का आरोप लगाया। इसके दो दिन बाद ढाका में 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इन लोगों का कहना था कि वे शेख हसीना का जन्मदिन मनाने के लिए इकट्ठा हुए थे।

HRW के अनुसार, अवामी लीग के सैकड़ों सदस्य अभी भी जेल में हैं। संगठन का दावा है कि इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जिन पर अभी कोई स्पष्ट आरोप नहीं है।

HRW ने सरकार को दिलाई पुराने दौर की याद

‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ ने बांग्लादेश की मौजूदा सरकार को उसके पुराने वादों की याद दिलाई है। संगठन का कहना है कि सरकार कानून का राज और मानवाधिकार बहाल करने के वादे के साथ सत्ता में आई थी। HRW ने यह भी कहा कि शेख हसीना के शासन के दौरान मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन हुए थे। इनमें कथित गैर-न्यायिक हत्याएं, जबरन गायब करना, यातना और राजनीतिक विरोधियों को हिरासत में लेना शामिल था। लेकिन संगठन का तर्क है कि पुराने उल्लंघन मौजूदा सरकार की कार्रवाई को सही नहीं ठहरा सकते। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून सभी लोगों को बोलने और संगठन बनाने की आजादी देता है। HRW ने चेतावनी दी है कि राजनीतिक विरोध को दबाने का सिलसिला बांग्लादेश को फिर उसी रास्ते पर ले जा सकता है, जिससे देश पहले भी गुजर चुका है।