
400 मिलियन बैरल के वादे का 80% पूरा, फिर भी डीजल पर संकट, photo source@ChatGpt
Global Energy Crisis: वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावट को दूर करने के लिए इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) की सामूहिक कार्रवाई के तहत अब तक लगभग 325 मिलियन बैरल तेल जारी किया जा चुका है। IEA के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर फातिह बिरोल ने यह जानकारी दी। यह मूल रूप से वादा किए गए 400 मिलियन बैरल का 80 प्रतिशत से अधिक है।
IEA द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, बिरोल ने एनर्जी सिक्योरिटी और मार्केट पर G7 नेताओं की वीडियो मीटिंग के दौरान ये बातें कहीं। मीटिंग में ग्लोबल एनर्जी मार्केट में लगातार बने दबाव, खासकर डीजल की सप्लाई में भारी कमी पर चर्चा हुई।
बिरोल ने जोर दिया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट का एनर्जी मार्केट पर असर अभी भी गंभीर बना हुआ है, खासकर डीजल के मामले में। साथ ही उन्होंने ग्लोबल एनर्जी सिक्योरिटी को सपोर्ट करने के लिए IEA की चल रही कोशिशों को भी रेखांकित किया।
बयान के अनुसार, बिरोल ने कहा कि, 11 मार्च को घोषित IEA की सामूहिक कार्रवाई के तहत अब तक लगभग 325 मिलियन बैरल तेल जारी किया गया है, जो इस कार्रवाई में मूल रूप से वादा किए गए 400 मिलियन बैरल का 80% से अधिक है। इसने सप्लाई की कमी को पूरा करने और ऐसे अभूतपूर्व समय में मार्केट को भरोसा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस बीच G7 नेताओं ने ऊर्जा की बढ़ती कीमतों को कम करने और रिफ़ाइन किए गए उत्पादों, खासकर डीजल, के बाज़ार में बने दबाव से निपटने के लिए IEA के जरिए 100 मिलियन बैरल तेल मिलकर जारी करने का वादा किया है।
संयुक्त बयान में G7 नेताओं ने कहा कि वे रिफ़ाइनरियों में मेंटेनेंस शेड्यूल में तालमेल बिठाएंगे, ताकि एक ही समय में क्षमता बंद न हो और जहां संभव हो, इस्तेमाल की दर अस्थायी रूप से बढ़ाई जा सके। G7 ने रिफाइन किए गए उत्पादों के वैश्विक उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़ी रिफाइनिंग क्षमता वाले देशों के साथ बातचीत को भी बढ़ावा दिया।
यह ताजा घटनाक्रम IEA के मार्च के उस फैसले के बाद हुआ है, जिसमें वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण आई रुकावट को कम करने के लिए 400 मिलियन बैरल इमरजेंसी ऑयल स्टॉक जारी करने का निर्णय लिया गया था। 11 मार्च को जारी वीडियो बयान में बिरोल ने कहा था कि, IEA देश 400 मिलियन बैरल तेल उपलब्ध कराएंगे।" उन्होंने यह भी कहा था कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से आवाजाही का फिर से शुरू होना तेल और गैस की सप्लाई को स्थिर करने के लिए सबसे जरूरी है। उन्होंने बताया कि यह फैसला IEA देशों ने सर्वसम्मति से लिया था और यह एजेंसी के इतिहास में इमरजेंसी तेल स्टॉक जारी करने का अब तक का सबसे बड़ा कदम था।
Updated on:
04 Oct 2026 05:26 am
Published on:
04 Oct 2026 05:26 am
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