6 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Iran Warning Bahrain: बहरीन को ईरान की दो टूक चेतावनी, फिर हमले के लिए हवाई क्षेत्र इस्तेमाल हुआ तो देंगे जवाब

Iran Bahrain Conflict: तेहरान ने बहरीन के सामने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर दो विकल्प रखे हैं साझा सुरक्षा या साझा अस्थिरता। ईरान का संदेश साफ है कि किसी भी नए हमले में खाड़ी के सैन्य ठिकानों की भूमिका उसके जवाब का हिस्सा बन सकती है।
2 min read
Google source verification

भारत

•

image

Manoj Vashisth

•

Oct 06, 2026

Iran Warning Bahrain

Iran Warning Bahrain : तेहरान बोला- हमारे खिलाफ हमले में जमीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल न हो (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

Iran Bahrain Tensions: ईरान और बहरीन के बीच तनाव अब केवल कूटनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं दिख रहा। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधि ने बहरीन को सीधे चेताते हुए कहा है कि अगर उसकी जमीन, सैन्य ठिकानों या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल दोबारा ईरान पर हमले के लिए किया गया, तो तेहरान जवाबी कार्रवाई करेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब खाड़ी क्षेत्र पहले से अमेरिकी-ईरानी सैन्य टकराव और हवाई सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंताओं से जूझ रहा है।

बहरीन को ईरान की दो टूक

संयुक्त राष्ट्र के तीसरे समिति सत्र में ईरान के राजनयिक अली करीमी मघाम ने बहरीन के प्रतिनिधि के आरोपों का जवाब देते हुए कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि बहरीन खुद को केवल घटनाओं का शिकार बताकर पूरी तस्वीर से किनारा नहीं कर सकता। ईरानी प्रतिनिधि के मुताबिक, बहरीन ने अमेरिका को अपनी जमीन, सैन्य अड्डों और हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति दी थी।

ईरान का दावा है कि मौजूदा संघर्ष की शुरुआत उसकी ओर से नहीं हुई थी और उस पर हमला किए जाने के बाद की गई सैन्य कार्रवाई को उसने आत्मरक्षा के अधिकार के तौर पर पेश किया। इसी तर्क के आधार पर तेहरान ने भविष्य को लेकर भी चेतावनी दी है।

करीमी मघाम ने स्पष्ट किया कि यदि क्षेत्र के किसी देश की जमीन का इस्तेमाल दोबारा ईरान के खिलाफ हमला शुरू करने के लिए किया जाता है, तो तेहरान उस देश के खिलाफ भी जवाबी कार्रवाई करेगा। यह चेतावनी सीधे तौर पर खाड़ी के उन देशों के लिए अहम है, जहां अमेरिकी सैन्य मौजूदगी लंबे समय से बनी हुई है।

बहरीन क्यों है अहम?

बहरीन में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी इसे इस पूरे विवाद में महत्वपूर्ण स्थान देती है। जून और जुलाई 2026 में भी ईरान ने बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया था। उस दौरान बहरीन में हवाई हमले के सायरन और मिसाइल-ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई थीं।

इसके बाद क्षेत्रीय हवाई सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी। अमेरिकी विदेश विभाग ने अगस्त में बहरीन की यात्रा को लेकर ‘रीकंसिडर ट्रैवल’ सलाह जारी की थी और ईरान से संभावित ड्रोन तथा मिसाइल हमलों के खतरे का उल्लेख किया था।

‘दो रास्ते हैं’ ईरान का संदेश

ईरानी प्रतिनिधि ने बहरीन को संदेश देते हुए कहा कि क्षेत्रीय देशों के सामने मूल रूप से दो विकल्प हैं। मिलकर सुरक्षा व्यवस्था बनाना या मिलकर असुरक्षा का सामना करना। उन्होंने आरोप लगाया कि बहरीन पहले दूसरे रास्ते पर गया और अगर उसने फिर वही फैसला दोहराया तो उसे अलग नतीजे की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।

यह बयान खाड़ी की मौजूदा परिस्थितियों में इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि क्षेत्र पहले ही सैन्य तनाव, समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े जोखिमों से प्रभावित है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक सितंबर में खाड़ी से तेल प्रवाह में सुधार जरूर हुआ, लेकिन अक्टूबर की शुरुआत में टैंकरों पर हमलों की खबरों ने जोखिम फिर बढ़ा दिया है।