29 सितंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘अमेरिका हार मानकर इलाके को छोड़ दे, उसके पास अब दूसरा कोई चारा नहीं’, ईरानी ब्रिगेडियर जनरल का बड़ा बयान

Iran US tension: ईरानी ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेब्बी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा- अमेरिका के पास अब हार मानकर इलाके से निकलने के अलावा कोई चारा नहीं।
2 min read
Google source verification

भारत

•

image

Mukul Kumar

•

Sep 29, 2026

Iran Tension

ईरानी ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेब्बी। (फोटो- X/IRGC)

US bases destroyed Middle East: ईरान के साथ अमेरिका का तनाव फिलहाल खत्म नहीं होने वाला है। ईरान सेना के ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेब्बी का ताजा बयान यह साफ संकेत दे रहा है।

ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेब्बी ने साफ शब्दों में कहा है कि अमेरिका के पास अब कोई और रास्ता नहीं बचा। उसे हार माननी होगी और इस इलाके से निकल जाना होगा।

'अपने बेस को बचा नहीं पाया अमेरिका'

हुसैन मोहेब्बी ने कहा कि ईरान का अभियान तभी खत्म होगा, जब अमेरिका यह हकीकत स्वीकार कर लेगा कि वह हार चुका है। बता दें कि मिडिल ईस्ट में तनाव अब पहले से ज्यादा बढ़ गए हैं, यह बयान विवाद को और तूल देने का काम कर सकता है।

मोहेब्बी ने बताया कि अमेरिका के सैनिक अड्डे हाल के संघर्ष में खुद को भी नहीं बचा पाए। ज्यादातर अड्डे अब पूरी तरह बेकार हो चुके हैं। उन्हें दोबारा बनाने में इतना खर्च आएगा कि अमेरिका के लिए यह फायदेमंद नहीं रहेगा।

ईरान लगातार नए हथियार बना रहा है

जनरल ने जोर देकर कहा कि ईरान दुनिया की हर उपलब्ध तकनीक का इस्तेमाल कर नए हथियार डिजाइन कर रहा है। पुराने उपकरणों को अपग्रेड किया जा रहा है और रक्षा प्रणालियों का बड़े पैमाने पर उत्पादन हो रहा है। इसका मकसद देश और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अगर युद्ध का रूप बदलता है तो ईरान मैदान में और नए हथियार लाएगा।

पड़ोसियों का बदल रहा रुख

मोहेब्बी ने पड़ोसी देशों का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका कभी भी ईरान और उसके पड़ोसियों के बीच पुराने रिश्ते और संचार मार्ग नहीं तोड़ सकता। पड़ोसी देशों को अब समझ आ गया है कि उनके इलाके में अमेरिकी अड्डे सुरक्षा नहीं बल्कि असुरक्षा बढ़ाते हैं।

दबाव में नहीं आने वाला ईरान

बता दें कि ईरान के उत्तर-पश्चिमी और दक्षिण-पूर्वी सीमा क्षेत्रों में अमेरिका ने सशस्त्र समूहों का समर्थन किया था। लेकिन यह कोशिश भी नाकाम रही। जनरल ने बताया कि यह अमेरिका की एक और बड़ी विफलता साबित हुई।

ईरान का यह रुख साफ है कि वह दबाव में आने वाला नहीं है। मोहेब्बी के शब्दों में अमेरिका अब इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बनाए रखने में सक्षम नहीं दिख रहा। नए हथियारों के विकास और पड़ोसियों के साथ मजबूत रिश्तों के चलते ईरान अपनी स्थिति को और मजबूत मान रहा है।

हालांकि, अमेरिका की तरफ से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन ईरान के इस रवैये से साफ है कि वह अपने बचाव को लेकर पूरी तरह तैयार है।

बड़ी खबरें

View All

विदेश

ट्रेंडिंग

US Israel Iran War