2 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पैगंबर की मस्जिद को बिजली देने वाले केंद्र पर हूती हमला, मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने बताया ‘खतरनाक उकसावा’

मस्जिद अन-नबवी को बिजली देने वाले मदीना के तैबा केंद्र पर हूती हमले की मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने निंदा की। ताइज में 13 हवाई हमले, जानें पूरी खबर।
2 min read
Google source verification
Yemen Houthis Revenue Sources

फोटो में हूती विद्रोही (सोर्स-आईएएनएस)

मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने सऊदी अरब के मदीना में स्थित तैबा बिजली वितरण केंद्र पर हूती विद्रोहियों के हमले की कड़ी निंदा की है। संगठन के मुताबिक यह केंद्र पैगंबर मुहम्मद की मस्जिद (मस्जिद अन-नबवी) को बिजली आपूर्ति करता है। संगठन ने कहा कि यह इस्लाम का महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। संगठन ने कहा कि इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक को सेवा देने वाले ढांचे को निशाना बनाना दुनियाभर के मुसलमानों के लिए खतरनाक उकसावा है।

मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिव मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल इस्सा ने कहा कि हूती विद्रोहियों का यह हमला इस्लामी मूल्यों और बुनियादी मानवीय सिद्धांतों का उल्लंघन हैं। लीग ने सऊदी अरब के साथ पूर्ण एकजुटता जताई और नागरिकों व पवित्र स्थलों की सुरक्षा के लिए राज्य द्वारा उठाए गए कदमों का समर्थन किया।

ताइज में हूतियों पर 13 हवाई हमले

वहीं, यमन की सशस्त्र सेनाओं ने ईरान समर्थित हूती समूह के ठिकानों पर ताइज प्रांत में 13 हवाई हमले किए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की ओर से लड़ रही सऊदी समर्थति सेना के प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नुजैली ने बताया कि इन हमलों में प्रांत के अल-रिज़ा, अल-अकरूद, बनी बकर, अल-काधा, जबल नुमान, अल-अजरम और अल-मराज़िम इलाकों में हूती कुमक और सैन्य वाहनों को निशाना बनाया गया। इधर, यमन में सक्रिय सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन का कहना है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने हूतियों द्वारा दक्षिणी सऊदी अरब के खमीस मुशैत की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया गया।

अमेरिका ने ईरान की घेराबंदी तेज की

अमेरिका ने ईरान के आसपास अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है, वहीं रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बड़े तेल टैंकर पर हमले की घटना ने चिंता बढ़ा दी है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्रीय सुरक्षा, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और संभावित टकराव को लेकर दुनिया का ध्यान फिर से खींच लिया है।

अमेरिकी सेना ने USS Theodore Roosevelt कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और USS Makin Island एम्फीबियस रेडीनेस ग्रुप को मध्य पूर्व की ओर रवाना किया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इन जहाजों पर कुल करीब 9,000 नौसैनिक और मरीन सवार हैं। इनमें 2,000 से अधिक मरीन शामिल हैं।