
FlyDubai flight (फोटो-ANI)
Flydubai co-pilot attack: फ्लाई दुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट को हाईजैक करने की कोशिश और फ्लाइट के कप्तान स्मित मच्छार पर हमला करने वाले आरोपी को-पायलट को लेकर कई जानकारी सामने आ रही हैं। इजरायल के चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी को-पायलट अल-कायदा की विचारधारा से प्रभावित था। वह कुछ कट्टरपंथी लोगों के साथ जुड़ा था। उनके साथ मेल जोल बढ़ने से वह भी कट्टरपंथी हो चुका था।
अल अरबिया न्यूज चैनल ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया है कि आरोपी ओमान का रहने वाला है। उनका नाम हमाम अलहमामी है। इस न्यूज चैनल ने रिपोर्ट किया कि कट्टरपंथी सोच की आशंका के चलते उसे पहले ही ओमान में विमान के संचालन से हटा दिया गया था। इसके बाद वह संयुक्त अरब अमीरात चला गया। आरोपी हमाम का सीरिया कनेक्शन भी सामने आया है।
अमेरिकी मीडिया समूह सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया कि वह यूएई में पैदा हुआ था। उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई हैं। उसके जीवन के कई साल यूएई में ही बीते। इजरायली चैनल i24NEWS ने जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया कि को-पायलट ने पूछताछ में कहा कि वह विमान को इजरायल में गिराना चाहता था। अगर वह कामयाब हो जाता, तो "9/11 जैसी त्रासदी" हो सकती थी। यह उड़ान तेल अवीव ही जा रही थी, इसलिए इस दावे को जांच में खास अहमियत दी जा रही है।
सीएनएन की एक और रिपोर्ट ने भी लोगों को सकते में डाल दिया है। अमेरिकी चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक कट्टर विचारों की चिंता के कारण उसे ओमान की सरकारी एयरलाइन में ट्रेनिंग से हटा दिया गया था। लेकिन बाद में उसी एयरलाइन में उसे कोई दूसरा काम दे दिया गया।
फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट में एक सूत्र ने दावा किया कि ओमान एयर ने 2024 में उसे ग्राउंड कर दिया था, क्योंकि पता चला कि वह कट्टरपंथी इस्लामी वेबसाइट्स देखता था। इसके बाद वह दुबई चला गया। सूत्र का कहना है कि फ्लाईदुबई ने उसे नौकरी देने से पहले ओमान एयर से कोई पूछताछ नहीं की। इसी वजह से अब भर्ती और बैकग्राउंड जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के अंदर उसने कैप्टन स्मित मच्छार को नुकीले हथियार से हमला कर घायल कर दिया था। इस दौरान फ्लाइट दो मिनट में करीब 16 हजार फीट नीचे आ गया। इस दौरान स्मित मच्छार ने हाईजैकिंग का डिस्ट्रेस सिग्नल भी भेजा। कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए थे, फिर भी उन्होंने हमलावर का मुकाबला किया।
उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद क्रू के सदस्य और यात्री अंदर पहुंचे और हमलावर को काबू में कर लिया। विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी विमान का नियंत्रण संभालने में मदद की। विमान की सऊदी अरब के तबूक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। सभी 180 लोग सुरक्षित उतर गए।
i24NEWS ने एक अमीराती सूत्र के हवाले से बताया कि आरोपी के सामान से फ्री फिलिस्तीन समूहों के पर्चे और प्रकाशन मिले। इसके अलावा फिलिस्तीन के समर्थन वाली दूसरी सामग्री भी मिली। रिपोर्ट के मुताबिक वह कई बार फिलिस्तीनियों का समर्थन और इजरायल के प्रति नफरत जाहिर कर चुका था। जांचकर्ता इस सामग्री और उसके बयानों की जांच उसके कथित कट्टरपंथ और आतंकी इरादों के नजरिए से कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन मच्छर की हिम्मत और सूझबूझ की सराहना की। उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की बात भी दोहराई कि एक भारतीय ने 9/11 जैसी त्रासदी को रोक दिया। नेतन्याहू ने भी कैप्टन के "अविश्वसनीय साहस" की तारीफ की। उन्होंने कहा कि कैप्टन और यात्रियों की वजह से एक और 9/11 होने से बच गया।
CNN के मुताबिक, आरोपी को सऊदी अरब से यूएई भेजा गया है। वहां उसके खिलाफ आतंकवाद के मामले की जांच चल रही है। जांचकर्ता सिर्फ 30 सितंबर की घटना ही नहीं देख रहे, बल्कि उससे पहले की पूरी कड़ी भी खंगाल रहे हैं। उसकी चरमपंथी सोच, सीरिया में बिताया समय, पुरानी नौकरी में उठी चिंताएं, और यह कि वह तेल अवीव जाने वाली यात्री उड़ान का को-पायलट कैसे बन गया।
Updated on:
03 Oct 2026 06:57 am
Published on:
03 Oct 2026 06:57 am
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