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रूस के कब्जे में फंसा यूक्रेन का अनाथ युवक, जान बचाने के लिए पुतिन के समर्थन में बनानी पड़ी वीडियो, सामने आई दर्दनाक कहानी

Russia-Ukraine War: रूस के कब्जे में यूक्रेनी अनाथ को जबरन रूस समर्थक वीडियो बनाने पड़े। जानिए कैसे वह क्रीमिया कैंप से निकलकर यूक्रेन लौटा और अब सेना में ड्रोन पायलट बनने की तैयारी कर रहा है।
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भारत

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Mukul Kumar

•

Sep 30, 2026

Russia arrests nine for planned attacks and espionage

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन। (Photo- ANI)

Ukrainian orphan story: यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध ने सिर्फ शहरों और सैनिकों को ही नहीं, बल्कि उन बच्चों की जिंदगी को भी बुरी तरह बदल दिया, जिनके पास पहले से ही अपना परिवार नहीं था।

यूक्रेन के 22 वर्षीय अनाथ युवक कोस्तेव की कहानी इसका दर्दनाक उदाहरण है। खेरसॉन में एक अनाथालय में पले-बढ़े कोस्तेव को युद्ध के दौरान रूस के कब्जे वाले इलाकों और क्रीमिया के कैंपों में भेज दिया गया।

वहां जान बचाने के लिए युवक ने रूस और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के समर्थन में कई वीडियो बनाए। अलजजीरा से बात करते हुए युवक ने पूरी कहानी बताई।

यूक्रेनी सेना को ज्वाइन करने की कर रहा तैयारी

आज वह वापस अपने देश लौट आया है और यूक्रेन की सेना में ड्रोन पायलट बनने की तैयारी कर रहा है। लेकिन उसका कहना है कि रूस के पक्ष में नजर आने वाली उसकी तस्वीरें और वीडियो उसकी असली सोच नहीं थीं। वह सिर्फ जिंदा रहने के लिए ऐसा कर रहा था।

कैमरे के सामने रूस की तारीफ, पीछे डर का माहौल

कोस्तेव ने बताया कि उसे रूसी टीवी चैनलों के लिए कई वीडियो में दिखाया गया। वह पहले अनाथालय के थिएटर क्लब में जाता था, इसलिए कैमरे के सामने बोलने में उसे परेशानी नहीं होती थी। लेकिन इन कार्यक्रमों में शामिल होना उसकी पसंद नहीं थी।

उसने बताया कि कैमरे के सामने आने से इनकार करने पर मारपीट या जेल की धमकी दी जाती थी। इसलिए उसने रूस समर्थक भूमिका निभाना स्वीकार कर लिया।

क्रीमिया के कैंप में हर सुबह रूस का राष्ट्रगान

2022 के आखिर में युद्ध तेज होने के बाद कोस्तेव और दूसरे बच्चों को रूस के कब्जे वाले क्रीमिया के लुचिस्टी समर कैंप भेजा गया। वहां हर सुबह रूस का राष्ट्रगान बजता था और हर सोमवार रूसी झंडा फहराया जाता था।

कोस्तेव के मुताबिक, बच्चों को कैंप से बाहर जाने की अनुमति नहीं थी। उन्हें बार-बार यह बताया जाता था कि वे कभी यूक्रेन वापस नहीं जाएंगे। उसने बताया कि माता-पिता के बिना रहने वाले बच्चों के पास यह समझाने वाला कोई नहीं था कि सही क्या है और गलत क्या। ऐसे माहौल में कई बच्चे रूस की बातें दोहराने लगे।

करीब 4,000 बच्चों को रूस ले जाया गया

यूक्रेन के अधिकारियों के अनुसार, 2023 में इसी कैंप में 84 यूक्रेनी अनाथ बच्चे रखे गए थे। यूक्रेनी अधिकार समूहों का दावा है कि कब्जे वाले इलाकों के अनाथालयों से करीब 4,000 बच्चों को रूस ले जाया गया।

रूस पर बच्चों को ‘दोबारा ढालने’ के आरोप

यूक्रेन का दावा है कि युद्ध के दौरान करीब 20,000 नाबालिगों को रूस ले जाया गया और उन्हें रूस समर्थक सोच में ढालने की कोशिश की गई। हालांकि, रूस इन आरोपों को खारिज करता है। रूस का कहना है कि युद्ध क्षेत्र से बच्चों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया और उन्हें बचाने के लिए स्थानांतरित किया गया।

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने बच्चों को कथित तौर पर रूस ले जाने और उनकी सोच बदलने की कोशिशों पर गंभीर चिंता जताई है। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, कब्जे वाले इलाकों के करीब 5,500 युवाओं को युनार्मिया नाम के युवा संगठन में भेजा गया, जहां सैन्य प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

पुलिस ने जासूसी का आरोप लगाया

2023 में कोस्तेव को कब्जे वाले दक्षिणी शहर हेनीचेस्क वापस भेजा गया। वहां उसने एक ट्रेड स्कूल में दाखिला लिया और एक बेहद खराब हालत वाले छात्रावास में रहने लगा।

छात्रावास की हालत को लेकर उसका बनाया वीडियो वायरल हो गया। इसके अगले ही दिन रूस समर्थित पुलिस ने उसे पकड़ लिया। कोस्तेव के अनुसार, उसकी तलाशी ली गई और उस पर कीव के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया गया। उसे जेल भेजने की धमकी भी दी गई।

इसके बाद उस पर रूस की तारीफ करने वाले वीडियो बनाने का दबाव डाला गया। एक वीडियो में वह रूसी झंडे में दिखाई दिया और रूस समर्थित युवा संगठन में शामिल होने की बात कही। उसने सेना में भर्ती होने की इच्छा भी जताई। हालांकि बाद में उसने बताया कि ये सब दबाव में किया गया था।

जर्मनी से पोलैंड होते हुए पहुंचा यूक्रेन

2024 की शुरुआत में कोस्तेव ने अपने बड़े भाई और दादी से संपर्क किया, जो जर्मनी जा चुके थे। वह किसी तरह उनके पास पहुंचा। बाद में पोलैंड गया और कई महीनों तक नए यूक्रेनी पासपोर्ट का इंतजार किया। अप्रैल में वह आखिरकार यूक्रेन लौट आया। अब वह सैन्य प्रशिक्षण ले चुका है और ड्रोन पायलट के तौर पर अपने सैन्य करियर की शुरुआत कर रहा है।