
रेबेका ग्रिन्सपैन (फोटो- IANS)
संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (यूएनसीटीएडी) की प्रमुख रेबेका ग्रिन्सपैन संयुक्त राष्ट्र के अगले महासचिव बनने की दौड़ में अपनी बढ़त बनाए हुए हैं। शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों के बीच हुए सातवें अनौपचारिक मतदान में उन्हें पिछले दौर के मुकाबले दो अधिक सकारात्मक वोट मिले। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की विदेश मामलों की राज्य मंत्री लाना नुसीबेह अपनी पहली ही परीक्षा में कोई खास बढ़त हासिल नहीं कर सकीं।
कोस्टा रिका की ग्रिन्सपैन को इस मतदान में 11 वोट मिले, जबकि उनके खिलाफ वोटों की संख्या घटकर चार रह गई। पिछले मतदान में उनके पक्ष में नौ और विरोध में पांच वोट मिले थे। उन्होंने अपनी स्थिति में कुछ सुधार किया है और अब भी इस दौड़ में सबसे आगे हैं। सात दौर के मतदान में से छह में वह शीर्ष पर रही हैं। हालांकि, इस बार के मतदान में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि ग्रिन्सपैन के खिलाफ पड़े चार वोटों में से कोई स्थायी सदस्य देश का था या नहीं। इसकी वजह यह है कि छठे दौर के विपरीत इस बार मतपत्रों को अलग-अलग रंगों से चिह्नित नहीं किया गया था। पिछले दौर में ग्रिन्सपैन के खिलाफ पांच वोट मिले थे, जिनमें दो सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों के थे।
यूएई की ओर से पिछले सप्ताह उम्मीदवार घोषित की गईं लाना नुसीबेह को पहली बार हुए मतदान में सात वोट मिले थे, जबकि उनके खिलाफ छह मत पड़े और दो तटस्थ वोट डाले गए थे। वह कुल उम्मीदवारों में चौथे स्थान पर रहीं। उनसे आगे अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख और अर्जेंटीना के राफेल ग्रॉसी दूसरे स्थान पर और गुयाना की पूर्व विदेश मंत्री कैरोलिन रोड्रिग्स-बिर्केट तीसरे स्थान पर रहीं।
अक्टूबर महीने के लिए सुरक्षा परिषद की अध्यक्ष रहीं ग्रीस की स्थायी प्रतिनिधि अग्लाया बाल्टा ने मतदान प्रक्रिया की निगरानी की। उन्होंने औपचारिक रूप से परिणाम घोषित नहीं किए। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी खबरें प्रकाशित करने वाले मीडिया संस्थानों पासब्लू और 1For8billion ने इन परिणामों का खुलासा किया।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का दूसरा पांच वर्षीय कार्यकाल इस साल 31 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। ऐसे में नए महासचिव के चयन के लिए समय तेजी से निकल रहा है। बाल्टा ने भरोसा जताया कि सुरक्षा परिषद समय रहते महासभा को अपनी सिफारिश भेज देगी, ताकि नए महासचिव को पदभार संभालने की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद की योजना महासभा में नियुक्ति की प्रक्रिया समय पर पूरी कराने के लिए अपनी सिफारिश उचित समय पर भेजने की है। अगले महीने लातविया सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभालेगा और महासचिव के चयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उसके पास होगी।
नए महासचिव के चयन में सुरक्षा परिषद की भूमिका निर्णायक है। किसी उम्मीदवार को कम से कम नौ सदस्यों का समर्थन हासिल करना होगा और पांच स्थायी सदस्यों में से किसी का भी विरोध नहीं होना चाहिए। स्थायी सदस्यों में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन शामिल हैं। सुरक्षा परिषद की सिफारिश के बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा 193 सदस्य देशों की भागीदारी से महासचिव की नियुक्ति करती है। आमतौर पर महासभा सुरक्षा परिषद की सिफारिश को मंजूरी दे देती है।
शुक्रवार के मतदान के बाद ग्रिन्सपैन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि दुनिया ऐसे निर्णायक दौर से गुजर रही है, जिसमें एकजुट और आधुनिक संयुक्त राष्ट्र की जरूरत है। उन्होंने सभी पक्षों की बात सुनने, जरूरी सुधारों को आगे बढ़ाने तथा शांति और सुरक्षा के साझा लक्ष्य को पूरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस बार महासचिव पद के चुनाव को लेकर एक महिला उम्मीदवार के चयन की मांग भी जोर पकड़ रही है। संयुक्त राष्ट्र के 80 साल से अधिक के इतिहास में अब तक नौ पुरुष इस पद पर रह चुके हैं, लेकिन किसी महिला को यह जिम्मेदारी नहीं मिली है।
Updated on:
31 Oct 2026, 8:34 AM IST
Published on:
31 Oct 2026, 8:34 AM IST
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