
buland darwaza
अजमेर.
सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती (garib nawaz dargah) के 808 वें उर्स (annual urs) की तैयारियां शुरू हो गई हैं। दरगाह स्थित बुलंद दरवाजे (buland darwaza) पर रंग-रोगन का कामकाज प्रारंभ हो गया है। इसके अलावा दरगाह के अन्य इमारतों पर भी रंग-रोगन किया जाएगा।
ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती का 808 वां उर्स फरवरी में होगा। चांद दिखाई देने के बाद 19 या 20 फरवरी को दरगाह के बुलंद दरवाजे पर पारम्परिक झंडा (traditional urs flag) चढ़ाने की रस्म होगी। इसकी तैयारियों के तहत बुलंद दरवाजे पर रंग-रोगन (colour and paint) शुरू हो गया है। कारीगर दरवाजे पर सफेद और हरा रंग कर रहे हैं। दरगाह स्थित महफिल खाना और अन्य इमारतों पर भी पेंट और कलर किया जाएगा।
चांद से तय होगी उर्स के झंडे की तारीख
परम्परानुसार भीलवाड़ा का गौरी परिवार (gauri family) झंडा लेकर अजमेर आएगा। 808 वें उर्स के झंडे की तारीख जमादि उल आखिर के चांद (moon) से तय होगी। झंडे को बुलंद दरवाजे पर चढ़ाया जाएगा। इस रस्म के बाद रजब का चांद देखा जाएगा।
इसके बाद ही ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के सालाना उर्स के रसूमात (traditions of urs) शुरू होंगे। रजब की पहली से छठी तारीख विभिन्न कार्यक्रम होंगे। उर्स के दौरान होने वाली महफिल में परम्परानुसार मजार शरीफ पर गुलाब जल और केवड़े से गुस्ल दिया जाएगा।
फिल्म निर्देशक राहुल रवैल ने की जियारत
बॉलीवुड के फिल्म निर्माता राहुल रवैल ने ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में हाजिरी दी। उन्होंने मजार शरीफ पर मखमली चादर और फूल पेश कर दुआ मांगी। रवैल ने लव स्टोरी, बेताब, अर्जुन, कुछ खट्टा कुछ मीठा, अर्जुन पंडित, जीवन एक संघर्ष और अन्य फिल्म बनाई है। इसी तरह फिल्म निर्देशक राम कमल मुखर्जी ने भी दरगाह में हाजिरी दी।
Published on:
22 Jan 2020, 9:04 AM IST
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