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Big Change : इंजीनियरिंग कॉलेज चलेगा अब 9 से 4 बजे तक

इन संस्थानों में मुख्य कोर्स अथवा ब्रांच में ऐसे कोर्स नहीं चलते हैं। इनमें केवल लघु स्तरीय पाठ्यक्रम ही ऐसी योजना में चलते हैं।
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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 22 Sep 2019, 9:47 AM IST

engineering college ajmer

engineering college ajmer

अजमेर. बॉयज इंजीनियरिंग कॉलेज (engineering college) का समय सोमवार से बदल जाएगा। कॉलेज अब सुबह 9 से 4 बजे तक चलेगा। प्रशासन (administration) ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं।

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हाल में बोर्ड ऑफ गर्वनर्स (BOG Meeting) की बैठक में प्रदेश के सभी इंजीनियरिंग कॉलेज को सुबह ९ से ४ बजे तक चलाने का फैसला किया था। इसके तहत कॉलेज प्राचार्य (principal) डॉ. उमाशंकर मोदानी ने आदेश जारी किए है। अब कॉलेज में प्रत्येक पीरियड (period) एक घंटे का होगा। इसके अलावा प्रयोगशाला/पुस्तकालय अनुचर, संविदा और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों (ministerial staff) को समय सुबह 8.30 से शाम 4.30 तक होगा। कॉलेज ने शैक्षिक (academic) और सह शैक्षिक (non academic) कर्मचारियों को समय पाबंदी को ध्यान रखने को कहा है।

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आईआईटी-एनआईटी में ऐसा...
देश में कानपुर, जोधपुर, रुडक़ी, मुम्बई, दिल्ली सहित कई आईआईटी (indian institute of technology) हैं। जयपुर, शिलांग, बेंगलूरू और अन्य शहरों में नेशनल टेक्निकल इंस्टीट्यूट (national institute of technology) हैं। यह तकनीकी गुणवत्ता के लिहाज से श्रेष्ठतम माने जाते हैं। इन संस्थानों में मुख्य कोर्स अथवा ब्रांच में ऐसे कोर्स नहीं चलते हैं। इनमें केवल लघु स्तरीय पाठ्यक्रम ही ऐसी योजना में चलते हैं।

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कमाओ खाओ योजना...
सरकार ने ‘कमाओ और खाओ ’ के तहत एसएफएस कोर्स को बढ़ावा दिया। अजमेर के बॉयज इंजीनियरिंग कॉलेज में वर्ष 1997-98 में कुछ ब्रांचों की 20-25 सीट सेल्फ फाइनेंसिंग योजना (SFS Scheme) में रखी गई थी। कुछ हद तक यह पीपीपी मोड (PPP Mode) से मिलती जुलती योजना है। अधिकांश कॉलेज में शिक्षकों की भर्ती इसी योजना में हुई है।

देश के एनआईटी या आईआईटी कोर कोर्सेज (मुख्य कोर्स) में सेल्फ फाइनेंसिंग कोर्स जैसी कोई योजना नहीं होती है। राज्य सरकार के इंजीनियरिंग कॉलेजों को अनुदान नहीं मिलता, लिहाज उन्हें यह कोर्स चला रहे हैं। सरकार को इसे देखना चाहिए।
प्रो. एम.सी. गोविल, निदेशक एनआईटी सिक्किम