29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अजमेर
Education: बोले राज्यपाल मिश्र…अच्छी शिक्षा के लिए शिक्षकों की भर्ती जरूरी
Play video

Education: बोले राज्यपाल मिश्र…अच्छी शिक्षा के लिए शिक्षकों की भर्ती जरूरी

यह जानना भी जरूरी है। भर्ती प्रक्रिया में होने वाली दिक्कतों पर भी विचार होना चाहिए।
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

raktim tiwari

•

Updated: 31 Oct 2019, 4:31 PM IST

अजमेर. राज्यपाल और कुलाधिपति कलराज मिश्र (kalraj mishra) ने कहा कि अच्छी शिक्षा के लिए शिक्षकों की भर्ती (teachers recruitment ) आवश्यक है। बगैर शिक्षकों के विश्वविद्यालयों (state universities ) और विद्यार्थियों को निश्चित तौर पर दिक्कतें (problems) होती हैं। हम 4 नवंबर को होने वाली कुलपति समन्वय समिति (VC Coordination committee) की बैठक में इस पर चर्चा करेंगे। मिश्र ने यह बात महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कही।

Read More: पुष्कर मेले की अव्यवस्थाओं से नाराज, रायका समाज के धर्मगुरु ने दी आंदोलन की चेतावनी

पत्रिका के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की कमी (post vacant) के सवाल पर राज्यपाल मिश्र ने कहा कि शैक्षिक संस्थानों (educational institutes) में शिक्षकों की कमी नहीं होनी चाहिए। शिक्षकों के बगैर विद्यार्थियों की पढ़ाई (higher education) कैसे होगी इस पर विचार जरूरी है। शिक्षकों (teachers) की भर्तियों (recruitments) में क्यों विलंब होता है, यह जानना भी जरूरी है। भर्ती प्रक्रिया में होने वाली दिक्कतों पर भी विचार होना चाहिए।

Read More: प्रदेश में ऐसी नगर पालिका जहां नौ वोट मिलते ही बन जाएंगे पार्षद

Read More: पुष्कर पशु मेला शुरू, झंडा चौकी लगी, 271 पशु पहुंचे

चार नवंबर को प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के समन्वय समिति की बैठक (VC Meeting) होगी। हमने कुलपतियों से रिक्त और स्वीकृत पदों सहित अन्य जानकारी मांगी है।

Read More: video : राज्यपाल ने की शांति और भाईचारे की दुआ

फैले ऋषि दयानंद का संदेश
राज्यपाल मिश्र ने कहा कि ऋषि दयानंद (maharishi dayanand) सामाजिक क्रांति के अग्रदूत थे। उन्होंने ना केवल तत्कालीन ब्रिटिश (british) गुलामी के विरुद्ध आवाज उठाई, बल्कि सामाजिक (social reforms)आडम्बरों, छूआछूत, बाल विवाह, बलि जैसे कुप्रथाओं के लिए भी संघर्ष किया। अजयमेरू उनकी तपोभूमि है। यहां से देश-दुनिया को सामाजिक समरसता (social harmony) का संदेश जाना चाहिए।

Read More: अब सरकारी नुमाइंदों की मौजूदगी में होगी विद्युत दुरुपयोग व चोरी सम्बन्धी मामलों की सुनवाई