
mdsu convocation
अजमेर.
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (mdsu ajmer) को अब दो सत्रों के दीक्षान्त समारोह (convocation) एक साथ कराने होंगे। बीते दो सत्रों का दीक्षांत समारोह (convocation ceremony) नहीं हो पाया है। होनहार विद्यार्थियों की निगाहें कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह पर हैं। इन्हें डिग्री, पदक और पीएचडी उपाधियों का इंतजार है।
विश्वविद्यालय प्रतिवर्ष 1 अगस्त को दीक्षान्त समारोह कराता है। इसमें कुलाधिपति एवं राज्यपाल, (governor) उच्च शिक्षा मंत्री (higher education minister) और अन्य अतिथि शामिल होते हैं। दीक्षान्त समारोह में शोधार्थियों को डिग्री (degree) और श्रेष्ठ विद्यार्थियों को पदक (medal) बांटे जाते हैं। बीते साल नवें दीक्षान्त समारोह में सत्र 2017-18 के टॉपर्स को पदक, पीएचडी की डिग्रियां बांटनी थी।
पूर्व कुलपति प्रो. विजय श्रीमाली (prof vijay shrimali) के देहांत के चलते समारोह नहीं हो पाया। इसके बाद कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह (prof r.p.singh) के कामकाज पर 11 महीने रोक के चलते सत्र 2018-19 का समारोह नहीं हो सका था।
नहीं हुआ है दो सत्रों का दीक्षांत
विश्वविद्यालय को सत्र 2017-18 और 2018-19 का दीक्षान्त समारोह (convocation) एक साथ कराना पड़ेगा। इसमें करीब 6 लाख डिग्री, 50 से ज्यादा पदक और 40 से ज्यादा पीएचडी डिग्री बांटनी होंगी। कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह इस मामले में कुलाधिपति और राज्यपाल कलराज मिश्र (kalraj mishra) से बातचीत करेंगे। संभवत: नवंबर से जनवरी के दौरान समारोह (ceremony) कराया जा सकता है। मालूम हो कि समारोह में छात्रों को परम्परानुसार (indian tradition) सफेद कुर्ता-पायजामा और छात्राओं को लाल किनारे वाली सफेद साड़ी पहननी जरूरी होती है।
अब तक हुए दीक्षान्त समारोह और अतिथि
1997-98-पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी
1998-99-नानाजी देशमुख
2001-02-जस्टिस लक्ष्मणनन
2004-पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील (तब राज्यपाल) एवं मुरली मनोहर जोशी
2009-पूर्व विदेश मंत्री कर्ण सिंह एवं पूर्व राज्याल एस. के. सिंह
2015-पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह
2016-पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह
2017-पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह
ये हैं बकाया..
6 लाख डिग्रियां
50 से ज्यादा पदक
40 पीएचडी उपाधि
Published on:
2 Oct 2019, 9:10 AM IST
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