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राजा भैया के करीबी अक्षय प्रताप को जेल, फर्जी पते पर हासिल किया था आर्म्स लाइसेंस

Akshay Pratap jailed प्रतापगढ़ में फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस हासिल करने के मामले में पूर्व सांसद व निवर्तमान एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी पर एमपी, एमएलए कोर्ट ने एक दिन के लिए जेल भेज दिया है। पिछले मंगलवार को इन्हेें दोष सिद्ध किया गया था।
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प्रयागराज

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 22 Mar 2022, 1:17 PM IST

राजा भैया के करीबी अक्षय प्रताप को जेल, फर्जी पते पर हासिल किया था आर्म्स लाइसेंस

राजा भैया के करीबी अक्षय प्रताप को जेल, फर्जी पते पर हासिल किया था आर्म्स लाइसेंस

प्रतापगढ़ में फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस हासिल करने के मामले में पूर्व सांसद व निवर्तमान एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी पर एमपी, एमएलए कोर्ट ने एक दिन के लिए जेल भेज दिया है। पिछले मंगलवार को इन्हेें दोष सिद्ध किया गया था। सजा निर्धारित करने के लिए 22 मार्च को अक्षय को कोर्ट में तलब किया था। आदेश आने के बाद कोर्ट के बाहर गहमा-गहमी का माहौल बन गया। इससे भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

वर्ष 1997 में जारी हुआ था शस्त्र लाइसेंस

सुलतानपुर के जामो थाना क्षेत्र के थाना व कस्बा जामो निवासी निवर्तमान एमएलसी औऱ पूर्व सांसद अक्षय प्रताप सिंह पुत्र शिव प्रताप सिंह ने वर्ष 1997 में प्रतापगढ़ शहर के रोडवेज बस स्टेशन के पास का पता दिखाकर रिवाल्वर/पिस्टल का लाइसेंस हासिल किया था। यह लाइसेंस 28 जून 1997 को तत्कालीन डीएम ने स्वीकृत किया था और लाइसेंस एक जुलाई 1997 को जारी हुआ था। इस मामले में नगर कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक डीपी शुक्ला ने छह सितंबर 1997 को अक्षय प्रताप सिंह के विरुद्ध नगर कोतवाली में आइपीसी की धारा 420, 467, 471 के तहत धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया था।

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सुनवाई में नहीं हुए थे पेश

यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश एमपी, एमएलए (सिविल जज, सीनियर डिवीजन) एफडीसी द्वितीय की कोर्ट में चल रहा था। पिछले मंगलवार को सुनवाई के दौरान अक्षय प्रताप सिंह पेश नहीं हुए। हाजिरी माफी के लिए उनके अधिवक्ता ने कोर्ट में मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएल कोर्ट बलराम दास जायसवाल ने धोखाधड़ी के मुकदमे पर अक्षय प्रताप सिंह पर दोष साबित कर दिया। इस पर फैसले के लिए 22 मार्च की तिथि मुकर्रर की गई थी। मंगलवार को कोर्ट ने अक्षय को एक दिन के लिए जेल भेज दिया। अक्षय विधान परिषद का चुनाव लड़ रहे हैं।

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