
हरियाणा में पार्षदों को हिरासत में लिए जाने के विरोध में तिजारा में प्रदर्शन। फोटो: पत्रिका
अलवर। नगर परिषद तिजारा के सभापति चुनाव में सोमवार को सुबह से शुरू हुआ सियासी घमासान रात तक चलता रहा। हाईकोर्ट के दखल के बाद मतदान का समय पहले रात 8 बजे और बाद में पार्षदों के मतदान केंद्र तक पहुंचने में देरी के चलते रात 10 बजे तक बढ़ाया गया। आखिरकार रात 10 बजे के बाद चुनाव परिणाम जारी हुआ। कांग्रेस प्रत्याशी रामावतार सैनी ने 18 मत हासिल कर सभापति पद पर जीत दर्ज की। निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम दिव्या ने उन्हें जीत का प्रमाण-पत्र सौंपा।
तिजारा नगर परिषद में 35 पार्षद हैं और सभापति बनने के लिए 18 मत जरूरी थे। चुनाव से पहले कांग्रेस समर्थित पार्षदों के हिमाचल प्रदेश में बाड़ेबंदी से लौटते समय हरियाणा में रोके जाने के आरोपों के बाद मामला राजस्थान हाईकोर्ट पहुंच गया था। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पंचकूला के पास हरियाणा सीमा पर उसके समर्थित पार्षदों को रोका गया। इस घटनाक्रम के कारण पार्षद समय पर तिजारा नहीं पहुंच सके।
मामले की सुनवाई जस्टिस अनूप कुमार ढंढ की एकल पीठ के समक्ष हुई। न्यायालय ने एडीएम भिवाड़ी को पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को भेजने के निर्देश दिए। इसके बाद मतदान प्रक्रिया जारी रखने के लिए समय बढ़ाया गया। पहले रात 8 बजे तक मतदान का समय किया गया, लेकिन पार्षदों के पहुंचने में देरी के कारण इसे रात 10 बजे तक बढ़ाया गया।
इससे पहले सोमवार तड़के करीब 3.30 बजे पूर्व विधायक संदीप यादव, जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलराम यादव और कांग्रेस प्रत्याशी रामावतार सैनी कार्यकर्ताओं के साथ निर्वाचन अधिकारी के आवास पहुंचे थे। उन्होंने रोके गए पार्षदों को सुरक्षित तिजारा लाने तक चुनाव स्थगित करने की मांग की थी। इसके बाद तिजारा थानाधिकारी जयप्रकाश को भी शिकायत दी गई। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि कुछ पार्षदों ने वीडियो के जरिए उन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाने और सुरक्षा को लेकर आशंका जताई थी। सुबह कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने थाने के पास धरना प्रदर्शन भी किया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक संदीप यादव को भी गुरुग्राम के पास फर्रुखनगर में कई घंटे रोका गया। हालांकि, इस मामले में पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है। पार्षदों को रोके जाने की घटना को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए, जबकि घटनाक्रम के बीच चुनाव प्रक्रिया की रिपोर्ट हाईकोर्ट और निर्वाचन आयोग तक पहुंच गई।
मतदान के दिन सोमवार सुबह पूर्व विधायक संदीप यादव, जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलराम यादव, कांग्रेस प्रत्याशी रामावतार सैनी, ब्लॉक अध्यक्ष धर्मपाल गुर्जर, उप प्रधान दयाराम चावड़ा सहित महिलाएं और कार्यकर्ता थाने के पास एकत्र हुए और धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान नारेबाजी कर पार्षदों को सुरक्षित तिजारा लाने और चुनाव प्रक्रिया में सभी पार्षदों को शामिल होने देने की मांग की गई। दोपहर 2 बजे तक 35 में से 16 पार्षदों के मतदान करने की जानकारी सामने आई। इसी बीच मामला राजस्थान हाईकोर्ट पहुंच गया।
राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश की अनुपालना में नगर परिषद तिजारा के अध्यक्ष पद के निर्वाचन के लिए मतदान का समय बढ़ाकर रात्रि 10 बजे तक कर दिया गया। आदेश के अनुसार यदि रात्रि 10 बजे से पहले ही सभी पार्षद मतदान कर लेते हैं तो मतदान प्रक्रिया पूरी होते ही मतगणना शुरू कर दी जाएगी। निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर जारी कार्यालय आदेश में यह निर्देश दिए गए हैं।
Updated on:
22 Sept 2026 09:09 am
Published on:
22 Sept 2026 09:09 am
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