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अंबिकापुर. जानकारी के अभाव में मजदूरों को शासकीय योजनाओं का लाभ नही मिल पा रहा है। इसके साथ ही हर क्षेत्र में कुछ बिचौलिए किस्म के लोग सक्रिय हंै जो इनकी अशिक्षा का लाभ उठाते है। छत्तीसगढ़ कर्मकार मंडल ने अब श्रमिक मित्र बनाने का निर्णय लिया है जो मंडल और मजदूरों के बीच सेतु का काम करेंगे। इन श्रमिक मित्रों को मंडल द्वारा 50 रुपए का पारिश्रमिक भी दिया जाएगा।
इसका एक मात्र उद्देश्य सरकार की सभी योजनाओं को ज्यादा से ज्यादा मजदूरों तक पहुंचाना है। इसके साथ ही मंडल ने प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में अन्न सहायता योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। इसमें मजदूरों को 5 रुपए में गर्म चावल, दाल, सब्जी, पापड़ व अचार मिलेगा। उक्त बातें छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष मोहन एंटी ने कही।
अंबिकापुर के सर्किट हाउस में मंगलवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष मोहन एंटी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्न सहायता योजना के तहत प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय जहां मजदूरों का जमावड़ा होता है वहां मजदूरों को अब 5 रुपए में गर्म चावल, दाल, सब्जी, पापड़ व अचार प्रदान किया जाएगा।
मजदूर यहां खाना खाने के साथ ही चाहें तो टिफिन में भरकर भी ले जा सकते है। मंडल इस योजना के तहत 15 रुपए की सब्सिडी अपने पास से दे रही है। इसके साथ ही अब मुख्यमंत्री साइकिल योजना के तहत 50 वर्ष तक की महिलाओं को साइकिल प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मजदूरों को दी जाने वाली सभी सामग्री को ब्रांडेड कर दिया है।
सामग्री वितरण में गुणवत्ता से कोई समझौता नही किया जा रहा है। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष अखिलेश सोनी, मंडल के सदस्य अशोक सिंह व योगेश दत्त मिश्रा उपस्थित थे।
मैनपाट में सबसे कम पंजीयन
कर्मकार मंडल के अध्यक्ष मोहन एंटी ने कहा कि हमने जिले में 60 हजार मजदूरों के पंजीयन का लक्ष्य रखा है जिसमे से अब तक 45 हजार मजदूर जिले में पंजीकृत हो चुके हंै। पंजीकृत मजदूरों की संख्या मैनपाट में सबसे कम है। अब तक यहां सिर्फ 2000 ने ही पंजीयन कराया है। इस लिए मार्च अंतिम या अप्रैल के प्रथम सप्ताह में मैनपाट में एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जब तक मजदूर बोर्ड से पंजीकृत नही होगा उसे योजनाओ का लाभ नही मिल सकता। छत्तीसगढ़ कर्मकार मंडल की योजनाएं देश मे सबसे बेहतर है। शेष व टैक्स के रूप में जो पैसा आ रहा है उसका शत-प्रतिशत उपयोग मजदूरों के हित में किया जा रहा है।
इनमे मजदूरों की बेटियों का विवाह, छात्रवृति, प्रसूति, मृत्यु व कौशल उन्नयन में राशि खर्च की जा रही है परंतु अब भी जानकारी के अभाव में मजदूर सिर्फ साइकिल व सिलाई मशीन का ही लाभ ले पा रहे है।
Published on:
21 Feb 2018 03:55 pm
