दरअसल, यह घटना हसनपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित महमूदाबाद गांव की है। बताया जा रहा है महमूदाबाद गांव के रहने वाले दो भाई 6 नवंबर को तमंचे की जांच कर रहे थे। इसी बीच अचानक छोटे भाई से गोली चल गई। गोली लगने से बड़ा भाई जॉनी गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद परिजन पुलिस को जानकारी दिए बिना ही जाॅनी के प्राथमिक उपचार के बाद इलाज के लिए मेरठ ले गए। जहां तीन दिन तक उपचार के बाद जॉनी ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने मामले को दबाने के लिए जाॅनी के शव का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया और शव को लेकर अंतिम संस्कार करने गंगा किनारे पहुंच गए। इस बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने चिता से शव उठाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।