
Father-Son Loan Subsidy Fraud Case: अशोकनगर में पिता-पुत्र ने लोन निकलवाने के नाम पर 7 को ठगा (फोटो सोर्स- Chatgpt)
Bhopal Father-Son Loan Subsidy Fraud: सरकारी योजनाओं के नाम पर भोले-भाले किसानों और ग्रामीणों को कैसे ठगा जाता है, इसका बड़ा मामला अशोकनगर से सामने आया है। बकरी पालन केंद्र खोलने के लिए सरकार की योजना के तहत एक-एक करोड़ रुपए का लोन और भारी सब्सिडी दिलाने का मायाजाल बुनकर भोपाल के एक शातिर पिता-पुत्र ने सात लोगों से करीब 26.21 लाख रुपए की ठगी कर ली। लोन पास कराने के कमीशन के नाम पर यह मोटी रकम नकद और ऑनलाइन फोन पे व यूपीआइ माध्यमों से वसूली गई।
ठगी का शिकार हुए दो लोग अशोकनगर जिले की पिपरई तहसील के हैं, जबकि पांच लोग विदिशा जिले की कुरवाई तहसील के रहने वाले हैं। जब महीनों बीत जाने के बाद भी न लोन मिला और न ही ठगों ने पैसे लौटाए, तो पीड़ितों ने पुलिस की शरण ली। भोपाल के मिसरोद थाने में मामले की जीरो एफआइआर दर्ज कर मामले को पिपरई थाने ट्रांसफर किया। इससे पिपरई पुलिस ने भोपाल के दोनों पिता-पुत्र ठगों पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया है।
आरोपी प्रमोद उर्फ आनंद पराते और उसका बेटा राहुल पराते भोपाल के मिसरोद स्थित यमन सहारा स्टेट कॉलोनी 11 मील के पास के निवासी हैं। पीड़ितों की शिकायत के अनुसार, आरोपी आनंद पराते ने खुद को रसूखदार बताते हुए गारंटी दी थी कि वह शासन की योजना के तहत एक-एक करोड़ रुपए का लोन और बकरी पालन केंद्र का लाइसेंस मंजूर करवा देगा। इसके लिए उसने किसानों से उनकी कृषि भूमि के खसरा, खतौनी और डायवर्सन जैसे अहम दस्तावेज भी ले लिए। किसानों को विश्वास में लेने के लिए उसने कहाकि सरकारी दफ्तरों में कमीशन देना पड़ता है। यह कमीशन की राशि उसने खुद नकद ली और अपने बेटे राहुल के मोबाइल पर यूपीआई के जरिए ट्रांसफर करवाई।
पीड़ित किसानों ने सिर्फ आरोप ही नहीं लगाए हैं, बल्कि ठगी के पुख्ता सबूत भी पुलिस को सौंपे हैं। शिकायतकर्ताओं ने एक पेन ड्राइव पुलिस को दी है, जिसमें आरोपी आनंद पराते के साथ लोन, कमीशन और पैसों के लेनदेन को लेकर हुई 150 से अधिक फोन कॉल्स की रिकॉर्डिंग मौजूद है। इसके अलावा सभी ऑनलाइन भुगतानों के डिजिटल प्रिंटआउट और बकरी पालन प्रोजेक्ट से जुड़ी फाइलों के दस्तावेज भी पुलिस को सौंपे गए हैं।
सबसे पहले पीड़ितों ने पुलिस कमिश्नर भोपाल को शिकायत की थी। थाना मिसरोद (भोपाल) के ने जांघ की और जीरो एफआइआर दर्ज की। जांच में पाया गया कि घटना का मुख्य केंद्र अशोकनगर का पिपरई है। इसके बाद अशोकनगर एसपी कार्यालय के निर्देश दिनांक पर अब मूल केस डायरी पिपरई थाने को ट्रांसफर कर दी गई। पिपरई पुलिस ने शून्य एफआईआर को असल अपराध में तब्दील कर प्रमोद उर्फ आनंद पराते और उसके पुत्र राहुल पराते के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
नर्भय सिंह यादव ग्राम बेरखेड़ी तहसील कुरवाई से 9.85 लाख रु. ठगे गए। इनमें से 3.85 लाख रु. जून 2024 से मई 2025 के बीच में फोन-पे से राहुल पराते को भेजे गए, बाकी रकम नकद दी गई।
अन्सार अहमद निवासी पिपरई जिला अशोकनगर ने तीन लाख रुपए नकद आनंद पराते को दिए और 34 हजार रुपए फोन-पे के माध्यम से आनंद के पुत्र राहुल के खाते में भेजे।
हबीब खान निवासी ततारपुर तहसील पिपरई जिला अशोकनगर ने दो लाख रुपए नकद आनंद को दिए और 1.34 लाख रुपए पत्नी के मोबाइल से राहुल को ऑनलाइन भेजे।
जहीर खान निवासी मेहलुआ चौराहा, तहसील कुरवाई जिला विदिशा ने अपने भाई जमील के माध्यम से 2.34 लाख रुपए की पूरी राशि राहुल के खाते में यूपीआइ से ट्रांसफर की।
राघवेन्द्र उपाध्याय निवासी रोशन पिपरिया, तहसील कुरवाई जिला विदिशा ने दो लाख रुपए नकद और 34 हजार रुपए फोन-पे के माध्यम से आरोपियों को ट्रांसफर किए।
मोहम्मद शकील खान निवासी फतेहपुर, तहसील कुरवाई जिला विदिशा ने दो लाख रुपए नकद आनंद को दिए और 1 लाख रुपए हबीब के मोबाइल से राहुल के खाते में डलवाए।
हसरूद्दीन खान निवासी वजीराबाद तहसील कुरवाई जिला विदिशा ने भी बकरी पालन केंद्र के लिए लोन पाने के झांसे में दो लाख रुपए की नकद राशि आनंद पराते को दी।
Updated on:
09 Oct 2026 08:59 am
Published on:
09 Oct 2026 08:59 am
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