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आतंकी हाफिज सईद ने किया चुनावी दफ्तर का उद्घाटन, बेटे और दामाद के लिए मांग रहा है वोट

आम चुनावों के नजदीक आने के साथ ही जमात-उद-दावा ने चुनाव आयोग में रजिस्टर और अल्लाहू अकबर तहरीक के टिकट पर चुनाव लड़ने का फैसला किया।
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नई दिल्ली

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Saif Ur Rehman

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Updated: 24 Jun 2018, 1:20 PM IST

hafiz

आतंकी हाफिज सईद ने किया चुनावी दफ्तर का उद्घाटन, बेटे और दामाद के लिए मांग रहा है वोट

लाहौर। 26/11 हमले का मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा का चीफ आतंकी हाफिज सईद पाकिस्तान के आम चुनावों में जमकर प्रचार करने वाला है। शनिवार को हाफिज सईद ने अपनी राजीनैतिक पार्टी मिल्ली मुस्लिम लीग ( MML ) के नए कार्यालय का उद्घाटन किया। दफ्तर के उद्घाटन करने के बाद हाफिज सईद ने चुनाव प्रचार का आगाज भी किया। बता दें कि हाफिज ने अपनी 15 वर्ष पुरानी पार्टी, अल्लाह-ऊ-अकबर तहरीक (AAT) के बैनर तले यह चुनावी कैंपेन शुरू किया है। दरअसल, मिल्ली मुस्लिम लीग को चुनाव आयोग से मंजूरी न मिलने के बाद हाफिज ने AAT के तहत चुनाव लड़ने का निर्णय किया। यह पार्टी चुनाव आयोग में पंजीकृत है।

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दामाद और बेटे के लिए शुरू किया चुनाव प्रचार
आतंकी हाफिज अपने बेटे हाफिज तल्हा और दामाद हाफिज खालिद वलीद के लिए चुनाव प्रचार करता नजर आया। हाफिज ने अपने बेटे और दामाद के पक्ष में वोट करने की जनता से अपील की। पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने हाफिज तल्हा सईद ( पुत्र) और हाफिज खालिद वलीद ( दामाद) के नामांकन को स्वीकार कर लिया है। तल्हा सीट नंबर -91( सरगोधा-IV) और वलीद सीट नंबर -133 (लाहौर-XI) से चुनावी मैदान में है। गौरतलब है कि जमात-उद-दावा ने पूरे पाकिस्तान में 265 उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। पाकिस्तान में 25 जुलाई को आम चुनाव होने हैं।

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हाफिज की नई चाल
मिल्ली मुस्लिम लीग ( MML ) का गठन अगस्त 2017 में किया गया था ताकि इस साल आम चुनाव लड़ सके। हालांकि, चुनाव आयोग ने इस साल 13 जून को इस पार्टी का पंजीकरण करने से इनकार कर दिया था। इसी साल 3 अप्रैल को अमरीकी विदेश मंत्रालय ने घोषित आतंकी संगठनों की एक नई सूची जारी की, जिसमें MML और तहरीक-ए-आजादी-ए-कश्मीर को लश्कर-ए-तैयबा की इकाई बताया था। 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमलों में हाफिज सईद को मास्टर माइंड माना जाता है और उसने मिली मुस्लिम लीग पार्टी के जरिए पाकिस्तान की सियासत में घुसने की कोशिश की, लेकिन पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने गृह मंत्रालय की आपत्ति के बाद उसका रजिस्ट्रेशन करने से मना कर दिया।अब उसके उम्मीदवार अल्लाह-ऊ-अकबर तहरीक (AAT) के बैनर तले चुनाव लड़ रहे हैं। अब हाफीज सईद नई चाल चलते हुए चुनाव में बड़ी हिस्सेदारी कर संसद में अपनी पहुंच बनाने की फिराक में है। बता दें कि इन चुनावों में आंतकी हाफिज सईद खुद मैदान में नहीं है। आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के चलते उस पर अमेरिका ने एक करोड़ डॉलर का इनाम रखा है।