
औरैया. समाजवादी पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर यादव परिवार में जो भी हुआ, शिवपाल यादव के दिल में अभी भी उसकी कसक है। सपा नेतृत्व के प्रति उनकी टीस अक्सर सामने आ ही जाती है। शिवपाल यादव का मानना है कि अगर समाजवादी पार्टी में कुर्सी को लेकर खींचतान न मची होती तो उत्तर प्रदेश में फिर समाजवादी पार्टी की ही सरकार होती। जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र के सैमरा गांव में किसान ग्रामीण गोदाम का उद्घाटन करते हुए शिवपाल यादव ने जहां पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा, वहीं केंद्र नरेंद्र मोदी और राज्य योगी आदित्यनाथ सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। इस दौरान शिवपाल यादव ने कहा कि वह जल्द ही अपने राजनीतिक विकल्प की घोषणा करने वाले हैं। शिवपाल यादव के इस बयान के बाद सपा में जहां हड़कंप मच गई है, वहीं शिवपाल के आरोपों से भाजपाई तिलमिला गये हैं।
सपा नेतृत्व के प्रति रोष जताते हुए शिवपाल यादव ने कहा कि अगर विधानसभा चुनाव 2017 से पहले समाजवादी पार्टी में विघटन न हुआ होता तो उत्तर प्रदेश में फिर से सपा की सरकार होती। इस दौरान शिवपाल यादव ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि वह जल्द ही अपने राजनीतिक विकल्प की घोषणा करने वाले हैं, इन दिनों जिसकी तैयारियों में वह जुटे हैं। निकाय चुनाव में सपा की हार के लिए भी शिवपाल यादव ने इशारों ही इशारों में अखिलेश यादव को जिम्मेदार ठहरा चुके हैं। शिवपाल का कहना था कि उन्होंने निकाय चुनाव में जिन कैंडिडेट का समर्थन किया, उन्हें जीत हासिल हुई है। मुलायम सिंह यादव ने भी शिवपाल यादव का समर्थन करते हुए कहा था कि निकाय चुनाव में अगर पार्टी शिवपाल के नेतृत्व में चुनाव लड़ती तो परिणाम कुछ और ही होता।
किस राजनीतिक विकल्प की बात कर रहे शिवपाल
शिवपाल यादव किस राजनीतिक विकल्प की बात कर रहे हैं, अभी तो क्लियर नहीं है। हालांकि, विधानसभा चुनाव में सपा की हार के बाद से वह कई बार कह चुके हैं कि वह अलग एक सेक्युलर मोर्चा बनाएंगे। मुलायम भी उनके साथ होंगे। लेकिन हर बार मुलायम ने उन्हें मना कर दिया। इसके अलावा उनके बसपा, भाजपा और जदयू में शामिल होने की भी चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन वह खुद ऐसी किसी भी संभावना से इनकार करते रहे हैं। जदयू में शामिल होने की चर्चाओं को अफवाह बताते हुए उन्होंने कहा था कि 'शिवपाल यादव समाजवादी था, है और रहेगा।'
कहां हैं अच्छे दिन?
शिवपाल यादव ने केंद्र व राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव से पहले किसानों की आय दोगुना करने वाली भाजपा सरकार में किसान परेशान हैं। उनका आलू कौड़ियों के भाव बिक रहा है। इस दौरान शिवपाल यादव ने कहा कि वर्ष 2019 में उनका मुकाबला भारतीय जनता पार्टी से होगा।
Updated on:
26 Dec 2017 01:06 pm
Published on:
26 Dec 2017 01:05 pm
