
राम मंदिर विवाद पर AAP सांसद संजय सिंह का बड़ा बयान (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Ram Mandir Donation Scam Update: AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अयोध्या राम मंदिर निर्माण में 'चंदा चोरी' और जमीन खरीद में हुए घोटाले को लेकर बीजेपी पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। संजय सिंह ने कहा है कि सिर्फ कुछ अधिकारियों या ट्रस्ट के सदस्यों का इस्तीफा ले लेने से यह इतना बड़ा मामला शांत होने वाला नहीं है। संजय सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस लूट का हिस्सा दिल्ली और नागपुर तक पहुंचाया गया है और यही वजह है कि दोषियों पर कोई बड़ी कार्रवाई करने से सरकार बच रही हैं।
संजय सिंह ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता को गुमराह करने के लिए चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा लेना काफी नहीं है। उन्होंने कहा कि यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि सरकार ने बहुत बड़ा कदम उठा लिया है, जबकि असलियत यह है कि चंदा चोरी का माल सिर्फ इन दो लोगों तक सीमित नहीं था, बल्कि इसे पूरी पार्टी के पास भेजा गया है।
सांसद ने दावा किया कि मंदिर के नाम पर देश की जनता से हजारों करोड़ रुपये इकट्ठे किए गए और फिर उस रकम में बड़ी हेराफेरी की गई। उन्होंने आगे कहा कि चंपत राय जैसी हस्तियों पर सख्त कार्रवाई करने की हिम्मत इसलिए नहीं हो रही है क्योंकि अगर उन्होंने सच उगल दिया, तो सरकार के कई बड़े चेहरे मुश्किल में पड़ जाएंगे।
संजय सिंह ने इस पूरे मामले को समझाते हुए साल 2021 के एक जमीन सौदे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के नाम पर हो रहे इस खेल को उन्होंने सालों पहले ही सबके सामने ला दिया था। उनके मुताबिक, सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी नाम के व्यक्तियों की करीब 2.5 रुपये की जमीन को राम मंदिर ट्रस्ट ने 18.5 करोड़ रुपये में खरीदा था।
संजय सिंह ने कहा कि यह पूरा खेल सिर्फ 5 मिनट के अंदर हुआ। जब यह जमीन पहले दो करोड़ रुपये में दूसरे लोगों से खरीदी जा रही थी, तब भी बीजेपी के नेता और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा वहां गवाह के रूप में मौजूद थे। और जब ठीक 5 मिनट बाद इसी जमीन को 18.5 करोड़ रुपये में ट्रस्ट के नाम किया गया, तब भी वही लोग गवाह बने हुए थे।
आम आदमी पार्टी के नेता ने कहा कि देश के करोड़ों लोगों ने अपनी आस्था और भक्ति से मंदिर के लिए पैसा दान किया था, लेकिन उस पैसे का इस तरह गलत इस्तेमाल किया गया। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए और सिर्फ इस्तीफे का नाटक करने के बजाय उन सभी लोगों पर सख्त एक्शन होना चाहिए जो इस पूरे खेल में शामिल थे।
Updated on:
28 Jun 2026 06:44 pm
Published on:
28 Jun 2026 06:44 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
