
प्रतीकात्मक फोटो
गोरखपुर जिले में दुष्कर्म का फर्जी एफआईआर दर्ज कराकर धन उगाही करने वाला गैंग सक्रिय है। हाईकोर्ट ने इस गैंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। आदेश दो सीओ द्वारा पूर्व में की गई जांच की रिपोर्ट के आधार पर दिया गया है। इस फैसले से पीड़ितों में न्याय की उम्मीद बढ़ी है।
कैंपियरगंज के खालिद ने दर्ज कराया था मुकदमा
गोरखपुर जिले के कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के खालिद ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि गोरखपुर में दुष्कर्म का फर्जी एफआईआर दर्ज कराने वाला गिराह सक्रिय है। गिरोह में शामिल महिलाएं फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर लोगों से वसूली करती हैं।
दो सीओ ने की थी मामले की जांच
तत्कालीन एसएसपी डॉ. विपिन ताडा मामले की जाचं के लिए सीओ कैंट को नामित किया। उन्होंने जांच कर 23 मई 2022 को जांच रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी थी। फिर एसएसपी ने सीओ बांसगांव से भी मामले की जांच कराई। दोनों सीओ की जांच में पाया गया कि गिरोह के सदस्य इस तरह का कृत्य कर रहे हैं। इसके बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
एफआईआर के बाद कोर्ट चले गए आरोपी
पुलिस ने एफआईआर जरूर दर्ज की लेकिन इस ममाले में कार्रवाई नहीं की। इसी बीच आरोपी बनाए गए लोग अक्तूबर में हाईकोर्ट चले गए। इसके बाद कोर्ट ने एसएसपी को तलब कर लिय।
एसएसपी ने दाखिल किया हफलनामा
कोर्ट द्वारा तलब करेन के बाद एसएसपी ने हलफनामा दाखिल किया। कोर्ट ने एसएसपी का हलफनामा स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने दो सीओ की जांच रिपोर्ट के आधार कार्रवाई का आदेश दिया है।
19 दिसंबर तक कार्रवाई का आदेश
वरिष्ठ अधिवक्ता मृत्युंजय राज सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट ने दोनों सीओ की जांच रिपोर्ट को आधार मानते हुए 19 दिसंबर तक कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया है। हाईकोर्ट के इस फैसले से पीड़ितों में न्याय की उम्मीद बढ़ी है।
Updated on:
24 Nov 2022 06:33 pm
Published on:
24 Nov 2022 06:33 pm
