प्रारंभिक जांच में आशंका है कि शिकारियों ने जंगली सूअर को पकड़ने के लिए जंगल में बिजली के तार का जाल बिछाया था। इसी तार की चपेट में आने से बाघ की मौत हुई हो सकती है। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटनास्थल से मिले जीआई तार और खूंटियों को जांच में शामिल किया गया है। बाघ का तीन सदस्यीय चिकित्सक दल ने पोस्टमार्टम किया और उसके बाद नियमानुसार उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। सीसीएफ गौरव चौधरी ने बताया कि जांच के लिए बाघ का बिसरा एकत्र किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा।