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जम्ही टोल प्लाजा में 80 पदों पर स्थानीय युवाओं ने मांगा हक, रखीं ये बड़ी मांगें, दी आंदोलन की चेतावनी

Balod Toll Plaza: 80 तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों पर स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने के साथ 10 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले वाहन मालिकों को टोल से राहत देने की मांग की गई है।
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Chhattisgarh News

कलेक्टर को ज्ञापन (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Jamhi Toll Plaza: राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-930 पर बालोद जिले के जम्ही में प्रस्तावित टोल प्लाजा को लेकर स्थानीय स्तर पर रोजगार और टोल शुल्क का मुद्दा सामने आया है। टोल प्लाजा के संचालन से पहले ही आसपास के ग्रामीणों और युवाओं ने इसमें मिलने वाले रोजगार के अवसरों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की मांग की है। इसी को लेकर जिला पंचायत सदस्य नीलिमा श्याम के नेतृत्व में ग्रामीणों और युवाओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल ने टोल प्लाजा में प्रस्तावित करीब 80 तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों पर क्षेत्र के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को अवसर देने की मांग रखी। उनका कहना है कि जम्ही, गुजरा, सुवरबोड़, दानीटोला और कुसुमकसा सहित आसपास के गांवों में इंजीनियरिंग और दूसरी तकनीकी योग्यताएं रखने वाले युवा मौजूद हैं। ऐसे में टोल प्लाजा से बनने वाले रोजगार के अवसरों में स्थानीय युवाओं की हिस्सेदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

भर्ती में स्थानीय युवाओं को मिले पर्याप्त अवसर

ग्रामीणों की ओर से ज्ञापन में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी रखने की मांग की गई है। उनका कहना है कि स्थानीय युवाओं को पदों के लिए आवेदन करने से लेकर परीक्षा, चयन और नियुक्ति तक पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र में स्थापित होने वाली परियोजना का लाभ आसपास के लोगों को भी मिलना चाहिए। स्थानीय युवाओं की योग्यता को देखते हुए उन्हें रोजगार के अवसरों में उचित प्राथमिकता देने की मांग की गई है।

10 किलोमीटर के दायरे में टोल से छूट की मांग

रोजगार के मुद्दे के साथ ग्रामीणों ने स्थानीय वाहनों से टोल वसूली को लेकर भी राहत की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि टोल प्लाजा से 10 किलोमीटर की परिधि में रहने वाले स्थानीय वाहन मालिकों को टोल शुल्क से मुक्त किया जाए। इसके अलावा स्थानीय वाहनों के लिए विशेष पास जारी करने का विकल्प भी रखा गया है।

ग्रामीणों के मुताबिक आसपास रहने वाले लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि से जुड़े जरूरी कामों के लिए लगातार आवागमन करना पड़ता है। ऐसे में स्थानीय वाहनों से नियमित टोल वसूली होने पर उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसी वजह से स्थानीय लोगों के लिए टोल में राहत की मांग की गई है।

स्थानीय लोगों को परियोजना का प्रत्यक्ष लाभ देने की मांग

जिला पंचायत सदस्य नीलिमा श्याम ने कहा कि जिस क्षेत्र में परियोजना स्थापित की जा रही है, वहां रहने वाले लोगों को उससे मिलने वाले रोजगार के अवसरों में उचित भागीदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने स्थानीय युवाओं को भर्ती प्रक्रिया में पर्याप्त मौका देने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी रखने की मांग की। उनका कहना है कि आसपास के गांवों में योग्य युवा मौजूद हैं, इसलिए टोल प्लाजा के तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों पर उन्हें भी अवसर मिलना चाहिए।

कलेक्टर ने कहा- मामला राज्य स्तर से जुड़ा

कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर से चर्चा की। इस दौरान कलेक्टर की ओर से बताया गया कि टोल प्लाजा से संबंधित इन नीतिगत विषयों पर निर्णय लेने का अधिकार जिला स्तर पर नहीं है। स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने और स्थानीय वाहनों को टोल शुल्क में राहत देने सहित अन्य मांगों को लेकर संबंधित विभाग को राज्य स्तर पर पत्र भेजा जाएगा।

मांग पूरी नहीं हुई तो शांतिपूर्ण आंदोलन

ज्ञापन सौंपने वाले ग्रामीणों और युवाओं ने मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी भी दी है। नीलिमा श्याम ने कहा कि यह मामला क्षेत्र के युवाओं के रोजगार और ग्रामीणों के हित से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय योग्य युवाओं को रोजगार में उचित अवसर नहीं दिया गया और स्थानीय वाहन मालिकों को टोल शुल्क में राहत देने की मांग पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीणों, युवाओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के साथ लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाएगा।