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बस्तामुक्त स्कूल के टीचर ने बच्चों की डंडे से पिटाई की, बाल संरक्षण आयोग दिल्ली ने डीईओ से मांगी रिपोर्ट

जिले के बस्ता मुक्त विद्यालय में शिक्षक ने डंडे से तीन बच्चियों को पीट दिया। वहीं शासकीय प्राथमिक शाला अंगारी में मामले की जांच करने बीईओ पहुंचे।
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बालोद

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Chandra Kishor Deshmukh

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Updated: 25 Jul 2018, 8:40 AM IST

पालक व स्कूल समिति की बैठक शामिल बीईओ।

अधिकारी ने फटकारा, शिक्षक ने मांगी माफी, डीईओ लेंगे फैसला

बालोद. जिले के बस्ता मुक्त विद्यालय में शिक्षक ने डंडे से तीन बच्चों को पीटा, वहीं शासकीय प्राथमिक शाला अंगारी में एक शिक्षक ने तीन बच्चियों को डंडे से मारने के मामले में बीईओ जांच करने पहुंचे। जहां अधिकारी ने पहले शिक्षक को जमकर फटकार लगाई। इस दौरान शिक्षक ने अपनी गलती मानी और माफी मांगी। इधर बाल संरक्षण आयोग नईदिल्ली ने जिला शिक्षा अधिकारी से मामले की पिरोर्ट मांगी है।

पालकों ने शिक्षक को एक मौका देने की रखी बात
इस दौरान बीईओ ने शाला प्रबंधन समिति और बच्चों के पालकों तथा शिक्षकों की बैठक ली। एक घंटा चली बैठक में बीईओ बसंत बाघ ने मामले की जांच की। बच्चे सहित उनके पालक, शाला विकास समिति का बयान लिया। मामले में बीईओ ने शिक्षक को दोषी माना, पर पालकों ने शिक्षक को एक मौका देने की बात रखी। बीईओ ने कहा मामले की रिपोर्ट जिला शिक्षा विभाग को भेजेंगे, विभाग ही आगे की कार्रवाई करेंगे।

रात आठ बजे गांव में हुई बैठक में शिक्षक ने गलती स्वीकारी
जांच के दौरान बच्चों ने भी कहा गुरुजी हमें पीटते हैं। डंडे से मारते हैं। सोमवार को प्राथमिक शाला अंगारी के शिक्षक कक्षा चौथी की तीन बच्चियों को डंडे से मार दिया था, जिसका निशान साफ दिखाई दे रहे थे। गणित के सवाल का जवाब नहीं दे पाने पर शिक्षक नाराज होकर पिटाई कर दी थी। जब बच्चे घर गए और यूनिफार्म उतारा तब पालकों को पता चला। गांव में बवाल मच गया। उसके बाद गांव में रात 8 बजे बैठक कर दोषी शिक्षक को बुलाया तो शिक्षक तरुण तांडिया ने हाथ जोड़कर माफी मांगी और कहा गलती से हाथ उठ गया था।

आयोग ने लिया संज्ञान में
मामले में शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष मोहन सिन्हा से बताया शिक्षक ने यह सही नहीं किया। इस तरह का कृत्य गलत है। जल्द ही प्रबंधन समिति की बैठक लेकर चर्चा करेंगे। वहीं केंद्रीय बाल संरक्षण आयोग के सदस्य यशवंत जैन ने मामले की 15 दिनों में रिपोर्ट मांगी है।

रिपोर्ट पर डीईओ करेंगे कार्रवाई
इस मामले में जांच करने आए बीईओ बसंत बाघ ने बताया सभी का लिखित बयान लिया गया है। जांच में शिक्षक दोषी पाया गया है, पर शाला प्रबन्धन समिति व ग्रामीण शिक्षक को एक बार मौका देने की बात कह रहे हैं। जांच रिपोर्ट को हम जिला शिक्षा अधिकारी को देंगे। वही इस पर निर्णय लेंगे।