
बरेली के दामोदर पार्क में सचिन कश्यप के परिजनों के साथ प्रदर्शन करते कश्यप समाज के लोग।
Bareilly News : भाजपा नेता सचिन कश्यप की हत्या के बाद कश्यप समाज का गुस्सा एक बार फिर सामने आया। गुरुवार को कश्यप समाज सेवा संस्था के नेतृत्व में सचिन के परिजनों ने दामोदर पार्क में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर मृतक परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, सुरक्षा और एक पात्र आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
सुभाषनगर थाना क्षेत्र के मढ़ीनाथ स्थित वंशीनगला में 28 अगस्त की रात भाजपा मढ़ीनाथ मंडल के ओबीसी मोर्चा के उपाध्यक्ष सचिन कश्यप की हत्या कर दी गई थी। रक्षाबंधन के मौके पर परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन रात में हुई वारदात ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया। आरोप है कि विवाद के बाद सचिन को घेरकर धारदार हथियार से हमला किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि सचिन का पड़ोस में रहने वाले बाबू उर्फ रोहित से पहले से विवाद चल रहा था। करीब एक महीने पहले दोनों के बीच विवाद हुआ था। उस समय लोगों ने मामला शांत करा दिया था, लेकिन दोनों के बीच रंजिश बनी रही। घटना वाली रात भी दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और मामला देखते ही देखते खूनी वारदात में बदल गया।
पुलिस जांच के मुताबिक विवाद के दौरान बाबू अपने घर से धारदार हथियार लेकर आया और सचिन के सीने पर वार कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि चाकू का वार गहरा था। इससे सचिन का फेफड़ा फट गया और शरीर की प्रमुख नस भी कट गई। गंभीर हालत में परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
सचिन की पत्नी गुड़िया देवी की तहरीर पर पुलिस ने बाबू उर्फ रोहित, अमित उर्फ भज्जी, आशीष मौर्य और बाबू की मां के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी बाबू को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। उसके पैर में गोली लगी थी। आशीष मौर्य को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया, जबकि अमित उर्फ भज्जी ने बाद में अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।
जांच के दौरान पुलिस को बाबू की मां के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद उसकी नामजदगी गलत पाई गई। पुलिस ने मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाई और चार्जशीट की प्रक्रिया पूरी की।
प्रदर्शन के दौरान कश्यप समाज सेवा संस्था ने मांग की कि हत्या में जान गंवाने वाले सचिन के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। संस्था का कहना है कि परिवार के सामने आजीविका, बच्चों की पढ़ाई और भविष्य का संकट खड़ा हो गया है। इसलिए सरकार को तत्काल आर्थिक मदद देनी चाहिए।
ज्ञापन में मृतक परिवार के एक पात्र आश्रित को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की गई। साथ ही बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने, परिवार को पुलिस सुरक्षा देने और राशन, आवास, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधा व छात्रवृत्ति जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से दिलाने की मांग रखी गई।
कश्यप समाज ने ज्ञापन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुई कुछ अन्य घटनाओं का भी जिक्र किया। इनमें मेरठ में सोनू कश्यप की हत्या, गोंडा में विनोद साहनी की हत्या, मुजफ्फरनगर में 65 वर्षीय जय सिंह कश्यप की हत्या और गोरखपुर में 17 वर्षीय प्रिंस कश्यप की हत्या का उल्लेख है। मथुरा में निषाद नाविकों के साथ मारपीट की घटना को भी ज्ञापन में शामिल किया गया।
संस्था ने कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य किसी वर्ग या समुदाय के खिलाफ माहौल बनाना नहीं है। मांग सिर्फ इतनी है कि हत्या में अपनों को खो चुके परिवारों को न्याय, सुरक्षा और आर्थिक सहारा मिले। प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप कर शासन स्तर से आवश्यक निर्देश जारी कराने की मांग की।
Updated on:
08 Oct 2026 03:58 pm
Published on:
08 Oct 2026 03:53 pm
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