
जयप्रकाश चौधरी का शव पहुंचा पैतृक गांव (फोटो-पत्रिका)
बाड़मेर। अहमदाबाद विमान हादसे में राजस्थान के होनहार एमबीबीएस स्टूडेंट जयप्रकाश की मौत के बाद डेड बॉडी उनके पैतृक गांव धोरीमन्ना के बोर चारणान पहुंची है। सीएम भजनलाल शर्मा ने जयप्रकाश के पिता को फोन करके सांत्वना दी है। लेकिन बेटे का शव घर पर पहुंचते ही मां का बुरा हाल है। पूरा गांव गम में डूब गया है। प्रशासनिक अधिकारी भी जयप्रकाश के घर पहुंचे हैं। हर किसी के आखों में आंसू है।
जयप्रकाश अहमदाबाद के बी.जे. मेडिकल कॉलेज में MBBS सेकेंड ईयर का छात्र था, 16 जून से उसकी परीक्षा होने वाली थी। विमान दुर्घटना के समय जयप्रकाश मेडिकल हॉस्टल में खाना खा रहा था। हादसे के बाद जयप्रकाश को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
परिजनों ने बताया कि जयप्रकाश बचपन से पढ़ाई में होशियार था। मां का सपना था कि मेरा बेटा डॉक्टर बने। इसके लिए तैयारी कर रहा था। जब भी गांव आता तब यही बातें करता था कि ग्रामीण परिवेश के लोगों की डॉक्टर बनकर सेवा करूंगा। अभी एक माह पहले घर आया था और 7 दिन रुका था।
मृतक के चचेरे भाई मंगलाराम ने बताया कि जयप्रकाश के पिता धर्माराम कृषि कार्य के साथ बालोतरा की एक फैक्ट्री में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि जयप्रकाश की पढ़ाई के लिए कर्ज लिया और कोटा से कोचिंग करवाई। पढ़ाई में होशियार होने पर नीट में 675 अंक के साथ चयन हुआ। इसके बाद साल 2023 से बी.जे. मेडिकल कॉलेज अहमदाबाद में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था।
जैसे ही जयप्रकाश की मौत की खबर गांव में पहुंची शोक की लहर छा गई। रिश्तेदार और समाज के लोग परिवार के सदस्यों को ढांढ़स बंधाने पहुंच रहे हैं। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी पहुंचे हैं। जयप्रकाश (20) बोर चारणान के आशुपुरा निवासी धर्माराम जाट का बेटा था। सूचना के बाद सीएम भजनलाल शर्मा ने जयप्रकाश के पिता को फोन करके सांत्वना दी है।
शुक्रवार को हादसे के वक्त बी.जे. मेडिकल कॉलेज के अंडरग्रेजुएट छात्रावास के मेस में खाना खा रहा था। प्लेन क्रैश होकर उसी बिल्डिंग पर गिर गया। हादसे में छात्र गंभीर घायल हो गया। उसे अहमदाबाद स्थित सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया था। जहां उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जयप्रकाश दो साल से अहमदाबाद में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। परिजनों के मुताबिक जयप्रकाश का शरीर हादसे में 30 फीसदी जल गया था।
परिजनों ने बताया कि उसके साथ कुछ और छात्र भी थे, दोपहर में 1 बजे सभी लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे थे। इस दौरान जयप्रकाश के मित्र ने कहा कि चलो बाहर चलते है और आम लेकर आते हैं, लेकिन जयप्रकाश ने मना कर दिया और कहा कि मैं मैस जा रहा हूं, खाना खाकर आता हूं। इस बीच प्लेन क्रैश हो गया और उसकी जान चली गई।
Updated on:
14 Jun 2025, 7:44 AM IST
Published on:
13 Jun 2025, 7:09 PM IST
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