
डीएनपी एरिया में चारे पानी के अभाव में निढ़ाल गोवंश (Photo-Patrika)
बाड़मेर. गडरारोड उपखंड क्षेत्र के कई गांवों में भीषण गर्मी के चलते परंपरागत जलस्रोत सूख गए है तो पर्याप्त बारिश नहीं होने चारा भी नहीं पनता है। ऐसे में अभी से चारे-पानी का संकट गहरा गया है। हालांकि मुख्यमंत्री के बाड़मेर दौरे पर अकाल राहत को लेकर चारा डिपो और पेयजल प्रबंध की घोषणा ने लोगों को राहत तो दी लेकिन अब पंचायतराज चुनाव की घोषणा के चलते आचार संहिता आड़े आने की चिंता सताने लगी है।
पिछले साल बारिश की बेरुखी के चलते क्षेत्र में पर्याप्त चारा नहीं हो पाया था। इस बार भी सामान्य से कम बारिश होने के कारण खेतों में किसान खाली हाथ है। अभी हालत यह है कि पूरे इलाके में चारे-पानी का भयंकर संकट उत्पन्न हो गया है। इस बार सूखे के कारण किसान व पशुपालक की कमर टूटी हुई है। चारे के दाम भी तीन गुना बढ़ गए है। ऐसे में पशुओं को पालना मुश्किल हो गया है। चारे-पानी की किल्लत और बीते कई महीनों में 40 से 45 डिग्री तापमान सीमावर्ती क्षेत्र में गोवंश के लिए काल बन गई है। ग्रामीणों का दावा है कि 20 से अधिक गांवों में कई गायें मर चुकी है। पशुपालक चारे-पानी के सरकारी पशु शिविर खोलने की मांग एक महीने पहले से कर रहे है।
भारतीय किसान संघ की तहसील कार्यकारिणी ने पिछले कई महीनों से उपखंड अधिकारी गडरारोड को कई बार ज्ञापन सौंपकर सीमांत क्षेत्र में पशु शिविर खोलने की मांग रखी। सीमांत किसानों ने बताया कि इस साल बारिश की कमी के कारण पर्याप्त चारा नहीं हुआ है। क्षेत्र के बिजावल, गड़स, खबड़ाला, दाभा, सिरगुवाला, सुंदरा, पांचला, रोहिडाला सहित कई गांवों में अभी से गायें मर रही हैं। अगर समय रहते चारा शिविर शुरू नहीं किए गए तो पशुधन अकाल मौत मर जाएगा।
प्रदेश में पंचायती राज चुनावों के मद्देनजर आचार संहिता लगी हुई है, ऐसे में अभी तक कोई पशु शिविर की बात ही नहीं कर रहा है। स्थानीय प्रशासन भी पंचायती राज चुनावों में व्यस्त है, ऐसे में किसान-पशुपालकों की सुनने वाला कोई नहीं।
- जेतमाल सिंह सोढ़ा, ग्रामीण सिरगुवाला
सीमावर्ती गांवों में गायों के मरने का सिलसिला शुरू हो चुका है। महंगे चारे के कारण पशुपालक असहाय हो चुके हैं। भारतीय किसान संघ ने कई बार ज्ञापन सौंपे हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन और सरकार के सिर पर जूं तक नहीं रेंगी है।
- आलम खान पनेला भारतीय किसान संघ, गडरारोड
गडरारोड उपखंड के 23 पटवार मंडल के प्रस्ताव बनाकर भेजें हैं। अभी तक पशु शिविर शुरू करने की कोई अप्रूवल नहीं मिली है। पेयजल आपूर्ति के लिए जलदाय विभाग को निर्देश दिए गए हैं।
-सुरेश कुमार मेघवाल, उपखण्ड अधिकारी गडरारोड
Updated on:
08 Oct 2026 01:50 pm
Published on:
08 Oct 2026 01:48 pm
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