
डिप्रेशन और फोबिया के शिकार हो रहे लोग- Image AI Grok
Depression : मध्यप्रदेश में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। राजधानी भोपाल सहित पूरा प्रदेश मानसिक रोगों की चपेट में आ गया। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश की कुल आबादी का लगभग 14 प्रतिशत हिस्सा किसी न किसी मानसिक बीमारी से ग्रस्त है। आधुनिक जीवनशैली, अत्यधिक तनाव और अवसाद के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है। हालांकि विशेषज्ञ निराश नहीं हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि समय पर इलाज व परामर्श मिलने पर अधिकांश मरीज ठीक हो जाते हैं। बुरी बात यह है कि बदनामी के भय से मानसिक रोगों को छुपाया जाता है। इससे मरीज की हालत और खराब हो जाती है।
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट बताती है कि मध्यप्रदेश में 13.9 फीसदी लोग मानसिक रोगों की चपेट में हैं। जबकि प्रदेश में प्रति एक लाख आबादी पर मात्र 0.05 मनोचिकित्सक ही उपलब्ध हैं। इससे मरीजों को समय पर सही परामर्श और इलाज मिलने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
डॉ. समीक्षा साहू का कहना है कि मानसिक बीमारियों को सामाजिक कलंक मानने के बजाय सही समय पर दवाइयों और थेरेपी की मदद लेनी चाहिए। इससे मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में वापस लौट सकते हैं।
घटनाक्रम:
शहर के 50 वर्षीय कैंसर मरीज दो बार ऑपरेशन असफल होने के बाद गंभीर डिप्रेशन में चले गए। रातों की नींद उड़ गई। उन्होंने खाना-पीना और इलाज तक बंद कर दिया। खुदकुशी के विचार आने लगे।
सुधार:
मनोचिकित्सक से परामर्श के बाद उन्हें दवाइयों के साथ एफडीए स्वीकृत आधुनिक आरटीएमएस थेरेपी दी गई। 15- 20 दिनों के भीतर मरीज डिप्रेशन से उबरकर सामान्य व हंसमुख दिनचर्या में लौट आए।
घटनाक्रम: 47 वर्षीय गृहिणी पिछले आठ वर्षों से छुआछूत और अत्यधिक साफ-सफाई की मानसिक बीमारी से पीडि़त थीं। वे दिन में 4-4 घंटे नहाने, घर व बर्तन धोने में बिताती थीं, जिससे हाथ की चमड़ी तक निकल गई थी। इसके चलते रिश्ते खत्म हो गए।
सुधार: जांच में इसे ओसीडी (ऑबसेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर) चिन्हित किया गया। डॉक्टरी इलाज व काउंसलिंग के बाद उनकी हाथ धोने की आदत नियंत्रित हुई और परिवार सामान्य जीवन जी रहा है।
घटनाक्रम: 36 वर्षीय व्यक्ति पिछले 7 वर्षों से अत्यधिक शराब के सेवन के कारण गंभीर मानसिक वहम (पैरानॉयड साइकोसिस) का शिकार हो गया था।
सुधार: इलाज और परामर्श से जीवन दोबारा व्यवस्थित होने लगा है।
Updated on:
10 Oct 2026 09:01 am
Published on:
10 Oct 2026 09:01 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
