
Bhopal Retired IAS Murder Case: 524 किलोमीटर दूर मिला भोपाल के रिटायर्ड IAS का मोबाइल (फोटो सोर्स- Rakesh Agarwal Facebook)
Bhopal Retired IAS Murder Case: भोपाल में रिटायर्ड आइएएस राकेश अग्रवाल (Bhopal Retired IAS Rakesh Agarwal) की हत्या के मामले की जांच में तीन दिन के भीतर अहम तथ्य के तौर पर वित्तीय लेनदेन सामने आया 12 अग्रवाल ने 11 महीने में दो लोगों के खिलाफ 5 करोड़ रुपए निवेश के नाम से धोखाधड़ी करने के केस दर्ज कराए थे। इनमें एक मामला परिचित अजीत पाटनी के खिलाफ एक करोड़ रुपए का है, जबकि दूसरे मामले में एक अन्य निवेशक पर 4 करोड़ रुपए का आरोप लगाया गया था। दोनों मामलों की सुनवाई कोर्ट में जारी है और अक्टूबर के पहले सप्ताह में महत्वपूर्ण गवाही होनी थी।
राकेश अग्रवाल के अंतिम संस्कार के बाद पत्नी निशि अग्रवाल ने जांच अधिकारी के सामने बयान दर्ज कराए है। पुलिस अब इन दोनों मामलों को एक साथ कर के अग्रवाल के पिछले कुछ समय से हुए आर्थिक लेनदेन, निवेश और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका को जोड़कर जांच आगे बढ़ा दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मामले का संबंध किसी पुराने वित्तीय विवाद से तो नहीं है।
अग्रवाल ने कई लोगों को निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए दिए थे। रकम वापस नहीं मिलने पर उन्होंने कानूनी कार्रवाई की थी। पुलिस अब ऐसे सभी लेनदेन और संबंधित लोगों की जानकारी जुटा रही है। जांच टीम यह भी देख रही है कि इन मामलों में किसी व्यक्ति पर दबाव था या कोई ऐसा विवाद चल रहा था, जो मामले की वजह बन सकता है। वहीं, साइबर की टीम एक साल के भीतर किससे किस संबंध में बातचीत हुई है इसे भी खंगाल रही है।
मामले में आरोपी वरुण कुमार की तलाश के साथ पुलिस उसके पिता, बहन, दोस्तों और परिचितों से भी पूछताछ कर रही है। तलाश में दिल्ली, पंजाब, आगरा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में दबिश दे रही हैं। रिटायर्ड आईएएस के मामले की जांच में भोपाल पुलिस के करीब डेढ़ दर्जन वरिष्ठ अधिकारी अलग-अलग बिंदुओं पर काम कर रहे हैं। चार राज्यों में तलाश में लगी टीम को राकेश अग्रवाल का मोबाइल भोपाल स्थित उनके घर से करीब 524 किलोमीटर दूर आगरा से बरामद हुआ है।
Updated on:
03 Oct 2026 07:54 am
Published on:
03 Oct 2026 07:54 am
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