
CM शिवराज 10 हजार स्कूलों को प्राइवेट स्कूल की तर्ज पर करना चाहते हैं विकसित, जिले नहीं ले रहे इंट्रेस्ट
भोपाल/ मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निजी स्कूलों की तर्ज पर प्रदेश के दस हजार सरकारी स्कूलों को विकसित करने का निर्णय लिया है। सीएम शिवराज ने इस व्यवस्था को अपना ड्रीम प्रोजेक्ट कहते हुए इन स्कूलों को सीएम राइज नाम दिया है।
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1 दिसंबर तक जिलों को भेजनी थी स्कूलों की सूची, पर...
सीएम के ऐलान के बाद पिछले तीन महीनों से जिला स्तर पर स्कूलों के चयन की तैयारियां की जा रही थी। इसपर लोक शिक्षण आयुक्त जयश्री कियावत ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को संबंधित स्कूलों की सूची अनुमोदित कर 1 दिसंबर तक भेजने के आदेश भी जारी किये थे। लेकिन, अब तक प्रदेश के किसी भी जिले से सीएम राइज के तहत स्कूलों की सूची अनुमोदित करके नहीं भेजी गई है। इसपर लोक शिक्षण आयुक्त द्वारा नाराजगी भी जाहिर की गई है।
आचार संहिता लगने पर फिर अटक जाएगा अनुमोदन
लोक शिक्षण आयुक्त द्वारा सितंबर माह से लेकर अब तक जिलों को इस संबंध में चार पत्र भेजे जा चुके हैं। जनपद पंचायतों से 13 नवंबर तक, जिला पंचायत से 28 नवंबर तक और जिला समितियों से 11 दसंबर तक अनुमोदन कराया जाना था, लेकिन अब तक किसी भी जिले की ओर से शिक्षा विभाग को जिला योजना समिति से अनुमोदित सूची नहीं भेजी गई है। ऐसे में अगर निगम चुनावी आचार संहिता लागू होती है, तो ऐसे में तस्कूलों के अनुमोदन की कार्रवाई लंबे समय के लिये एक बार फिर अटक जाएगी।
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Updated on:
22 Dec 2020 04:42 pm
Published on:
22 Dec 2020 04:42 pm
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