
अवैध उत्खनन को लेकर प्रदेश में सियासत तेज हो गई है।
भोपाल. सामान्य प्रशाशन मंत्री डॉ गोविंद सिंह के अवैध उत्खनन पर दिए गए बयान के बाद कांग्रेस में सियासत तेज हो गई है। गोविंद सिंह के बयान के बाद मंत्री प्रदीप जायसवाल ने लेटर लिखकर कहा अवैध खनन रोकना सभी की जिम्मेदारी है। वहीं, गोविंद सिंह ने कहा है कि कांग्रेस का एक गुट मेरे खिलाफ साजिश कर रहा है।
गोविंद सिंह की भूमिका ने
गोविंद सिंह के बयान के बाद ग्वालियर-चंबल इलाके में कांग्रेस विधायक ने ही गोविंद सिंह की भूमिका पर ही सवाल खड़े कर दिए। कांग्रेस विधायक ओपीएस भदौरिया और रणवीर जाटव ने कहा कि वरिष्ठ मंत्री को सार्वजानिक तौर पर इस तरह की बयानबाजी नहीं करना चाहिए।
सिंधिया खेमे के विधायक हैं भदौरिया
ओपीएस भदौरिया सिंधिया खेमे के माने जाते हैं। ओपीएस भदौरिया ने कहा- मंत्री को कैबिनेट में अपनी बात रखनी चाहिए थी। वो बताएं कि कौन पुलिसवाला पैसे ले रहा है। वहीं, दिग्विजय खेमे के माने जाने वाले रणवीर सिंह जाटव ने कहा है अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई चुन-चुनकर नहीं सभी जगह एक जैसी होनी चाहिए। वहीं, कांग्रेस नेता अशोक सिंह ने कहा- दतिया और लहार में सबसे ज्यादा अवैध उत्खनन होता है।
क्या कहा डॉ गोविंद सिंह ने
डॉ गोविंद सिंह ने कहा- कांग्रेस का एक गुट मेरे खिलाफ साजिश कर रहा है। ये दिग्विजय के खिलाफ बोलता रहता है। मेरा राजनीतिक जीवन बेदाग है। सीएम से कहूंगा कि वे इन मामलों की न्यायिक जांच कराएं।
मंत्री ने कहा- उनकी चिंता जायज
प्रदेश सरकार के पीडब्लयूडी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा- डॉ गोविंद सिंह वरिष्ठ मंत्री हैं। उनकी चिंता जायज है। आखिर किसस अधिकारी की मजाल हो जो उनकी बात नहीं सुने, मेरे अधिकारी मेरी बात न सुनें तो मैं इस्तीफा दे दूं।
सीएम ने किया हस्ताक्षेप
वहीं, इस मामले में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हस्ताक्षेप करते हुए कहा- अवैध उत्खनन के मामले में सार्वजानिक बयानबाजी न करें। सरकार उसे रोकने के प्रयास कर रही है, जिसमें उसे सफलता भी मिल रही है। आने वाले दिनों में अवैध उत्खनन पूरी तरह से बंद होगा। नेता उचित प्लेटफार्म पर अपनी बात रखें। सार्वजानिक बातों बयानों से पार्टी की छवि खराब होती है।
क्या कहा था गोविंद सिंह ने?
अवैध रेत खनन को लेकर मंत्री गोविंद सिंह ने पुलिस अधिकारियों पर कई आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि आईजी और कलेक्टर के कहने के बावजूद अवैध तेत का खनन नहीं रुक रहा है। गोविंद सिंह ने कहा कि भिंड और दतिया में तो आईजी स्तर के अधिकारियों की इसमें मिलीभगत है। मंत्री ने कहा कि एक-एक टीआई 50-60 लाख रुपये तक वसूल रहा है। यह पैसा ऊपर भी जाता है।
Updated on:
29 Aug 2019 11:27 am
Published on:
29 Aug 2019 11:27 am
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