
Residential Township प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)
MP News:मध्य प्रदेश में योजनाबद्ध और सुविधायुक्त आवासीय टाउनशिप विकसित करने के लिए सरकार नई हाउसिंग पॉलिसी तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य हाउसिंग सेक्टर में निजी निवेश बढ़ाने के साथ पर्यावरण अनुकूल और प्लान्ड कॉलोनियां विकसित करना है। नगरीय विकास विभाग पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर रहा है। इसे मुख्यमंत्री की मौजूदगी में 28 अक्टूबर को इंदौर में होने वाले अर्बन कॉन्क्लेव में लॉन्च करने की तैयारी है।
नई नीति में टाउनशिप विकसित करने वाले निवेशकों और कॉलोनाइजर्स को इंसेंटिव, कुछ छूट और नियमों में शिथिलता देने का प्रस्ताव है। सभी विकास कार्य पूरे करने वाले डेवलपर्स को प्रोत्साहन दिया जा सकता है। अनुमतियों के लिए नोडल एजेंसी के जरिए सिंगल विंडो व्यवस्था प्रस्तावित है। ग्रीन और ओपन एरिया ज्यादा रखने पर अतिरिक्त एफएआर व एसटीपी, ईटीपी सीवेज कनेक्शन जैसी सुविधाओं में सहायता का प्रावधान भी होगा।
अधिकारी दूसरे राज्यों की हाउसिंग पॉलिसी का अध्ययन कर रहे हैं। महाराष्ट्र में 2025 में लागू नीति में अफोर्डेबल हाउसिंग, पुनर्विकास, सरकारी भूमि, किराये के मकान, वरिष्ठ नागरिक आवास और ग्रीन बिल्डिंग को शामिल किया है। प्रदेश में इंटीग्रेटेड टाउनशिप पॉलिसी लागू है। इसमें 5 लाख से कम आबादी वाले शहरों में टाउनशिप के लिए न्यूनतम 10 हैक्टेयर जमीन जरूरी है। लैंड पुलिंग, सरकारी जमीन के 20% तक आवंटन और ग्रीन निर्माण पर एफएआर जैसे प्रावधान हैं। जिससे आगे चलकर लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
नीति में वरिष्ठ नागरिकों, वर्किंग वूमन, विद्यार्थियों, माइग्रेंट वर्कर्स और औद्योगिक कर्मचारियों के लिए टारगेट हाउसिंग विकसित करने पर जोर रहेगा। इन टाउनशिप में संबंधित वर्ग की जरूरत के मुताबिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। वहीं निवेशकों की जरूरत को पूरा करने के लिए सरकारी खाली जमीन का लैंड बैंक तैयार किया जाएगा। मांग आने पर बाजार मूल्य पर जमीन उपलब्ध कराने की योजना है।
Updated on:
06 Oct 2026 07:23 am
Published on:
06 Oct 2026 07:23 am
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