
उमंग सिंघार ने उटाए सवाल (फोटो सोर्स: Umang Singhar Facebook)
Bhopal News :मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सूबे के पांढुर्णा जिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के काफिले को रोके जाने के बाद जिले के पुलिस अधीक्षक प्रकाश चंद्र परिहार को हटाए जाने के मामले को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए सरकार की कार्यशैली और प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि, मध्य प्रदेश में आम जनता की जान की कीमत सरकार के लिए कम होती जा रही है, जबकि सत्ता से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई होती है। उन्होंने अपने पोस्ट में प्रदेश के अलग - अलग इलाकों में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार से जवाबदेही को लेकर सवाल किए हैं।
सिंघार ने छिंदवाड़ा के कफ सिरप कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि, इस घटना में मासूम बच्चों की मौत के बाद निलंबित अधिकारियों की चुपचाप बहाली हो गई। उन्होंने सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों, बालाघाट में बैगा आदिवासी बच्चों की मौत और इंदौर में दूषित पानी से हुई घटनाओं को लेकर भी सरकार को घेरा।
इसके अलावा, नेता प्रतिपक्ष ने सिंगरौली में गरीबों के घर उजड़ने के मामले का भी जिक्र किया, साथ ही आरोप लगाते हुए कहा कि, इन घटनाओं में जिम्मेदारी तय करने को लेकर सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है।
एक अन्य बिंदू के जरिए सिंङार ने पांढुर्णा की घटना को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। सिंघार ने कहा कि, सूखे से परेशान किसानों ने अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंचाने के लिए उनका काफिला रोकने की कोशिश की। लेकिन, कमाल देखिए, इसके बाद सुरक्षा में चूक का हवाला देते हुए पांढुर्णा एसपी प्रकाश चंद्र परिहार को ही तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया।
सिंघार ने इस कार्रवाई को लेकर भाजपा सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता की समस्याओं और मौतों पर जवाबदेही तय नहीं होती, लेकिन सत्ता के रास्ते में किसी तरह की बाधा आने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। हालांकि, उनके आरोपों पर सरकार की ओर से प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Updated on:
08 Oct 2026 01:54 pm
Published on:
08 Oct 2026 01:42 pm
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