सुसाइड नोट में ये लिखा..
मैं ऋषभ वर्मा अपने होशो-हवास में बयान लिख रहा हूं कि इस लड़की ने मुझे बहुत परेशान कर रखा है। इसी वजह से मैं अपनी जान दे रहा हूं। मेरे पिता का नाम विजय वर्मा और मां का नाम रजनी वर्मा है। मेरे दो छोटे भाई हैं- एक का नाम यश वर्मा है। इसे भी इस लड़की ने बहुत परेशान कर रखा है। सबसे छोटे भाई का नाम तनमय वर्मा है। भाई देख मेरी जान देने का सबसे बड़ा कारण यही लड़की है। अगर मुझे कुछ भी होता है, तो उसका नाम लेना। उसने तेरे भाई की जिंदगी बर्बाद कर दी मेरी। अरेरा कॉलोनी में उसका घर है। वो माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी में पढ़ती है। उसने पिछले 4 साल और 8 महीने से मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी है। वो मुझे दबाकर रखती है। तुम सब ने देखा है कि मैं कैसा था और कैसा हो गया हूं। उसने मुझसे शादी करने का कहा था और मेरे घर भी आई थी। उसका भाई मुझे धमकी भी देता है। मेरी मौत की जिम्मेदार वही है, जो मुझसे पैसे लेती रहती थी। मेरे नहीं देने पर वो मुझे मारती थी। वो मुझे डराती थी, धमकी भी देती थी, फिर उसने मुझे अपने नए दोस्तों के लिए छोड़ दिया। मेरे उसके साथ संबंध थे। जिसकी तस्वीर मैं तुम्हे भेज रहा हूं। ये लड़की ऐसे ही सबको चलाती है। वो कहती है कि अपनी खुशी के लिए वो मुझे मार देगी। वो मुझसे सही बर्ताव नहीं कर रही है। मैंने पूछा था कि कोई गलती हुई है तो बता दो। उसका नया बॉयफ्रेंड भी बन गया है ऑफिस या कॉलेज में, फिर भी वो मुझे परेशान कर रही है। इस लड़की की वजह से मेरे 4 साल 8 महीने बेकार हो चुके हैं। मैं अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता। उसे बाइक पर घूमना पसंद था तो उसने मुझे जबरदस्ती बाइक खरीदने को कहा। वह नशा भी करती है। वो चरस, गांजा, शराब और सिगरेट पीती है। मैं उससे परेशान होकर अपनी जान दे रहा हूं। उसे कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए। मैं उससे प्यार करता था और हमेशा करूंगा पर वो मुझे दबाकर रखती है। हमेशा लड़का ही गलत नहीं होता। कई बार लड़की की भी गलती होती है। आई मिस यू मम्मी पापा यश, तनमय, चैतन्य, चाचा-चाची, दादा-दादी और सभी रिश्तेदार-दोस्त। मैं अब जा रहा हूं।