
कटघोरा से मरवाही पहुंचे 54 हाथी (Photo Source- Patrika File Photo)
Chhattisgarh Elephant News: छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही वन परिक्षेत्र में 54 जंगली हाथियों के बड़े झुंड की दस्तक से वन विभाग अलर्ट हो गया है। हाथियों का यह दल फिलहाल पेंड्रा क्षेत्र के दमदम के घने जंगलों में विचरण कर रहा है। बड़ी संख्या में हाथियों के एक साथ पहुंचने से आसपास के गांवों में भी चिंता बढ़ गई है। वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है और ग्रामीणों को सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
जानकारी के अनुसार 54 हाथियों का यह दल पहले कटघोरा वनमंडल के पसान क्षेत्र में मौजूद था। मंगलवार रात हाथियों का झुंड मरवाही वन क्षेत्र की सीमा के पास पहुंचा। इसके बाद बुधवार देर शाम बनखेता क्षेत्र से होते हुए हाथी दमदम के घने जंगलों में दाखिल हो गए। वन विभाग के मुताबिक हाथियों के इस बड़े दल के क्षेत्र में आने से आसपास के ग्रामीण इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। खासकर धान की पकती फसल और जंगल के आसपास रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर विभाग की चिंता बढ़ गई है।
हाथियों के मूवमेंट को देखते हुए वन विभाग की ओर से आसपास के गांवों में मुनादी कराई जा रही है। ग्रामीणों को हाथियों से दूरी बनाए रखने और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करने की समझाइश दी जा रही है। रूमगा, मटियादांड, सेमरदर्री नाका, बहरीझोरकी, मगुर्दा, दानीकुण्डी, गुल्लीडांड, मौहरीटोला, कारगिकला, मरवाही और पीपरडोल समेत कई गांवों में लोगों को अलर्ट किया गया है।
वन विभाग ने हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कर्मचारियों की 24 घंटे ड्यूटी लगाई है। टीम हाथियों के मूवमेंट की लगातार निगरानी कर रही है और इसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों और मुख्यालय तक पहुंचाई जा रही है। अधिकारियों का प्रयास है कि हाथियों के झुंड की दिशा और गतिविधियों की जानकारी पहले से मिलती रहे, ताकि आसपास के ग्रामीणों को समय रहते सतर्क किया जा सके।
वन विभाग ने ग्रामीणों से हाथियों के झुंड के पास नहीं जाने की अपील की है। खास तौर पर हाथियों को देखने के लिए भीड़ लगाने, उनका पीछा करने, सेल्फी लेने या उन्हें पत्थर मारकर भगाने की कोशिश नहीं करने को कहा गया है। अधिकारियों के अनुसार हाथियों को परेशान करने या उनके बहुत करीब जाने से वे आक्रामक हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में इंसानों और हाथियों दोनों के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
वन विभाग ने ग्रामीणों को शाम और रात के समय जंगल या खेतों की ओर अकेले नहीं जाने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सुरक्षित रखने के लिए कहा गया है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे संभव हो तो पक्के और सुरक्षित मकानों में रहें और हाथियों के मूवमेंट की जानकारी मिलने पर सावधानी बरतें।
हाथियों की सुरक्षा और किसी भी तरह के करंट हादसे को रोकने के लिए वन विभाग ने विद्युत वितरण कंपनी से भी संपर्क किया है। जरूरत पड़ने पर हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्र से जुड़े ग्रामीण फीडरों की बिजली तत्काल बंद करने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
वन विभाग के सामने फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता हाथियों और ग्रामीणों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। 54 हाथियों का बड़ा दल जिस क्षेत्र में मौजूद है, वहां लगातार निगरानी रखी जा रही है। ग्रामीणों को भी विभाग की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने और हाथियों के मूवमेंट की सूचना मिलने पर सतर्क रहने कहा गया है। फिलहाल वन विभाग की टीमें हाथियों के झुंड की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में हाथियों का दल किस दिशा में आगे बढ़ता है, इस पर भी विभाग की विशेष निगरानी रहेगी।
Updated on:
08 Oct 2026 01:22 pm
Published on:
08 Oct 2026 01:22 pm
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