रेलवे में ऑनलाइन सिस्टम शुरू होने के साथ ही सबसे अधिक यात्री ई-टिकट कराते हैं, परंतु जब ट्रेनें कैंसिल होती हैं, या किन्हीं कारण से वे खुद टिकट कैंसिल कराते हैं तो रिफंड के लिए कई दिनों तक इंतजार कराया जाता है। विनोद यादव ने बताया कि चार ई-टिकट एक साथ कराया था, जिसे 8 जून को कैंसिल किया था, उसका रिफंड नहीं होने पर रेल अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि रेलवे काउंटर वाले टिकट कैंसिलेशन का रिफंड करने में कोई दिक्कत यात्रियों को नहीं होती है। ई-टिकट का पूरा संचालन आईआरसीटीसी से होता है। इसलिए रिफंड में देरी के बारे में कुछ नहीं कह सकते।