-तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख मिलती रही है। लेकिन इंसाफ नहीं मिला माय लॉड, इंसाफ नहीं मिला, मिली है तो सिर्फ ये तारीख(दामिनी 1993)
-जब ये ढाई किलो का हाथ किसी पर पड़ता है ना... तो आदमी उठता नहीं... उठ जाता है। (दामिनी 1993)
-चिलाओ मत नहीं तो ये केस यहीं रफा-दफा कर दूंगा, ना तारीख...ना सुनवाई सीधा इंसाफ वो भी ताबड़तोड़(दामिनी