
नाना पाटेकर और राजकुमार के रिश्ते पर मेहुल कुमार का खुलासा (Photo Source- IMDb)
Mehul Kumar On Nana Patekar and Rajkumar: बॉलीवुड के इतिहास में कुछ पन्ने ऐसे होते हैं जो अपने अनूठे किस्सों के लिए हमेशा याद रखे जाते हैं। 40 सालों से अधिक समय तक गुजराती और हिंदी सिनेमा में बेहतरीन फिल्मों का निर्देशन करने वाले जाने-माने फिल्ममेकर मेहुल कुमार (Mehul Kumar) ने हाल ही में अपने करियर के दो सबसे बड़े और दिग्गजों- राजकुमार (Raj Kumar) और नाना पाटेकर (Nana Patekar) से जुड़े कई दिलचस्प और हैरान करने वाले खुलासे किए हैं। वहीं, भाग्य का एक बेहद विचित्र संयोग ये है कि जिस 8 अक्टूबर को राजकुमार की 100वीं जन्म शताब्दी (Birth Centennial) पड़ी, उसी तारीख को नाना पाटेकर इस दुनिया को अलविदा कह गए। वहीं, नाना पाटेकर के निधन के दिन मेहुल कुमार ने बताया कि उन्हें इस खबर पर यकीन ही नहीं हुआ था।
मेहुल कुमार के कई पुराने इंटरव्यू वायरल हो रहे है, जिसमें उन्होंने राजकुमार और नाना पाटेकर को लेकर बातें की थीं। एक में मेहुल कुमार ने बताया जब प्रोड्यूसर प्राणलाल मेहता ने उन्हें राजकुमार के साथ फिल्म बनाने की बात कही, तो उन्हें पता था कि 'जानी' (राजकुमार) को अपनी स्क्रिप्ट शुद्ध उर्दू में पसंद है। मेहुल ने बिना देर किए रातों-रात अपने एक असिस्टेंट से स्क्रिप्ट का उर्दू में अनुवाद करवाया।
राजकुमार की कार्यशैली का जिक्र करते हुए उन्होंने मड आइलैंड में हुई शूटिंग का भी एक किस्सा शेयर किया, "शूटिंग के पहले दिन जब मैंने उनके पैरों का क्लोजअप शॉट लिया और शक्ति कपूर उन पर गिरे, तो उन्होंने मुझसे पूछा कि मैं इस तरह से शॉट क्यों ले रहा हूं। मैंने उन्हें समझाया कि इससे एडिटिंग आसान होगी। लंच ब्रेक में उन्होंने मुझे अपने कमरे में बुलाया, गले लगाया और कहा कि उन्हें मेरा एटीट्यूड और स्टाइल बहुत पसंद आया। अगर कोई डायरेक्टर पहले दिन ही उन्हें मना ले, तो वह पूरी तरह रिलैक्स हो जाते थे।"
मेहुल ने बताया कि फिल्म में एक डॉन के किरदार के लिए उन्होंने राजकुमार को सफेद आउट-शर्ट के साथ काला सूट पहनने के लिए मनाया, जो बाद में एक बड़ा स्टाइल स्टेटमेंट बन गया। इसके अलावा, एक नकली अंतिम संस्कार के सीन के दौरान राजकुमार ने हंसते हुए कहा था, "माला पहना दो, जब मैं जाऊंगा तब मौका नहीं मिलेगा!"
ब्लॉकबस्टर फिल्म 'तिरंगा' में राजकुमार और नाना पाटेकर की जोड़ी को पर्दे पर लाना किसी जंग से कम नहीं था। मेहुल कुमार ने खुलासा किया कि इस रोल के लिए उनकी पहली पसंद रजनीकांत थे (यहां तक कि उन्होंने किरदार का नाम भी 'शिवाजीराव' रखा था), लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद नसीरुद्दीन शाह से बात हुई, और अंत में 'स्टूडियो लिंक' ने नाना पाटेकर का नाम सुझाया।
नाना शुरुआत में कमर्शियल फिल्में करने से कतरा रहे थे, लेकिन मेहुल ने उन्हें समझाया कि ऐसी फिल्में ही उन्हें असली शोहरत देंगी। हालांकि, नाना ने शर्त रखी थी कि अगर राजकुमार ने दखल दिया, तो वह फिल्म छोड़ देंगे। वहीं, राजकुमार ने भी नाना की 'बदमिजाज' छवि के बारे में सुन रखा था। लेकिन जैसे-जैसे शूटिंग आगे बढ़ी, दोनों की खट्टी-मीठी नोकझोंक गहरी दोस्ती में बदल गई और पूरा शूट किसी पिकनिक जैसा बन गया।
मेहुल ने यह भी शेयर किया कि गोविंदा राजकुमार से बहुत डरते थे, लेकिन एक बार जब राजकुमार को गोविंदा की प्रिंटेड शर्ट पसंद आ गई, तो उन्होंने वह शर्ट उन्हें गिफ्ट कर दी और अगले ही दिन राजकुमार ने उस कपड़े से एक रूमाल सिलवाकर सबको हैरान कर दिया था। मेहुल के दोनों परिवारों से बेहद गहरे ताल्लुक रहे हैं। आज भी उन्हें मलाल है कि वह नाना पाटेकर को ध्यान में रखकर लिखी गई अपनी स्क्रिप्ट 'मिशन तिरंगा' को कभी पर्दे पर नहीं उतार पाए।
बता दें, साल 2026 की 8 अक्टूबर गुरुवार को नाना पाटेकर का गोवा में निधन हो गया था। उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ था जिसके बाद उन्हें हॉस्पिटल लेकर जाया गया, 45 मिनट CPR देने के बाद डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। वहीं, जिस दिन नाना पाटेकर ने दुनिया छोड़ी उसी दिन दिग्गज अभिनेता की 100वीं जन्म शताब्दी थी।
Updated on:
11 Oct 2026 11:44 am
Published on:
11 Oct 2026 10:51 am
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