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61 की उम्र में फिर ‘किंग’ बनने की तैयारी: टीवी के कमांडो से 1,000 करोड़ क्लब तक शाहरुख खान के करियर के बड़े टर्निंग पॉइंट

Shah Rukh Khan Birthday: टीवी सीरियल फौजी से पठान और जवान तक, जानिए शाहरुख खान के करियर के 10 बड़े टर्निंग पॉइंट, जिन्होंने उन्हें बॉलीवुड का बादशाह बनाया। फ्लॉप फिल्मों से ब्लॉकबस्टर वापसी तक का पूरा सफर।
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मुंबई

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Rashi Sharma

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Updated: 2 Nov 2026, 9:30 AM IST

Shah Rukh Khan Birthday

शाहरुख खान के करियर के 10 बड़े टर्निंग पॉइंट। (AI से बनाई गई फोटो)

Shah Rukh Khan Birthday: बॉलीवुड के बादशाह, रोमांस किंग, और किंग खान जैसे नामों से इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में दमदार मुकाम हासिल करने वाले शाहरुख खान आज अपना 61वां जन्मदिन मना रहे हैं। 2 नवंबर 1965 को जन्में शाहरुख खान दिल्ली के थियेटर से निकल कर मुंबई तक पहुंचे। टीवी सीरियल में काम किया और फिर बॉलीवुड के सबसे बड़े नामों में अपना नाम बनाया। मगर वक्त हमेशा एक सा नहीं रहता है ऐसा ही कुछ शाहरुख खान के साथ भी हुआ। स्टारडम से भरे उनके करियर में भी एक ऐसा मोड़ आया जब ब्लॉकबस्टर फिल्मों की उनकी लिस्ट में फ्लॉप फिल्मों के नाम शामिल होने लगे। मायानगरी मुंबई में बिना किसी गॉडफादर के अपनी पहचान बनाने वाले शाहरुख ने अपने 30 साल से ज्यादा लंबे करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं।

आइए, आज उनके बर्थडे के मौके पर एक नजर डालते हैं शाहरुख खान के करियर में साल-दर-साल आए टर्निंग पॉइंट पर जिन्होंने टीवी के एक एक्टर को बॉलीवुड का सबसे चहीते और पसंदीदा स्टार्स की फेहरिस्त में शामिल कर दिया।

1988-89: टीवी से मिली पहली पहचान

शाहरुख खान के एक्टिंग करियर की शुरुआत बड़े पर्दे से नहीं, बल्कि छोटे पर्दे यानी टीवी सीरियल से हुई थी। लेकिन आपको बता दें कि एक्टर ने सबसे पहले 'दिल दरिया' फिल्म साइन की थी जिसकी शूटिंग 1988 में शुरू हो गई थी, लेकिन शूटिंग में देरी के चलते उन्होंने बीच में 1988 में 'फौजी' में काम करना शुरू कर दिया, जिसमें उन्होंने लेफ्टिनेंट अभिमन्यु राय का किरदार निभाया था। इसके बाद वो 1989 में 'सर्कस' में नजर आए और अपनी स्क्रीन प्रेजेंस और एक्टिंग से अपनी एक्टिंग की छाप छोड़ी। इन सीरियल्स ने उन्हें घर-घर तक पहुंचाया और फिल्मी दुनिया के दरवाजे खोलने में मदद की। .

1992: 'दीवाना' से फिल्मी डेब्यू

साल 1991 SRK की जिंदगी का वो साल था जब उनकी मां का निधन हो गया, जिसके बाद वो दिल्ली छोड़कर मुंबई आ गए। इसके बाद, 1992 में शाहरुख की 'दीवाना' फिल्म रिलीज हुई, जिसमें ऋषि कपूर और दिव्या भारती लीड रोल में थे और शाहरुख सेकंड लीड के किरदार में नजर आए थे. मगर उनकी जबरदस्त एक्टिंग ने दर्शकों का ध्यान खींचा।

1993- जब विलेन का किरदार निभाकर शाहरुख ने बदली हीरो की परिभाषा

दीवाना के बाद किंग खान ने 1993 में ऐसे किरदार चुने, जिन्हें आमिर खान, अजय देवगन और संजय दत्त जैसे उस दौर के बड़े एक्टर्स ने ठुकरा दिया था। ये फिल्में थीं 'बाजीगर' और 'डर'। इन फिल्मों में अभिनेता ने नकारात्मक किरदारों को जिया। जहां बाजीगर में वो बदले की आग में हैवानियत भरा कदम उठता है, वहीं डर में वो एक जुनूनी आशिक के रूप में नजर आए, जो प्यार के नाम पर सारी हदें पार कर देता है। इन दोनों ही फिल्मों में शाहरुख खान ने पारंपरिक हीरो वाली इमेज से इतर अलग किरदार निभाए। 'बाजीगर' में उनके अजय शर्मा के किरदार को खूब पसंद किया गया और उन्हें फिल्मफेयर का बेस्ट एक्टर अवॉर्ड मिला। जबकि, डर में उनके नेगेटिव किरदार ने भी दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।

1995: 'दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे' और रोमांस किंग वाली इमेज

जब दो-तीन फिल्मों में शाहरुख खान की 'एंटी-हीरो' वाली इमेज को दर्शकों ने सराहा और ये केस लगाए जाने लगे कि शायद वो अब विलेन बैनर ही रह जाएंगे, तब आई 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे'। बिजनेस टुडे के मुताबिक, 1995 में आई इस रोमांटिक ड्रामा फिल्म SRK के करियर का टर्निंग पॉइंट बनी। इस फिल्म ने सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक बन गई। इसकी सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि DDLJ 20 सालों से ज्यादा समय तक मुंबई के मराठा मंदिर में लगी रही।

1998-2003: ऑलटाइम ब्लॉकबस्टर फिल्में और विदेशी फैन फॉलोविंग

शाहरुख खान के सफलता के सफर में 'कुछ कुछ होता है' (1998) से लेकर 'कल हो ना हो' (2003) तक का वक्त सबसे मजबूत दौर माना जाता रहा है। ईस्टर्न आई की लिस्ट में 'दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे', 'दिल तो पागल है', 'कुछ कुछ होता है', 'मोहब्बतें', 'कभी खुशी कभी गम', 'देवदास' और 'कल हो ना हो' जैसी फिल्मों के नाम शामिल है. इन फिल्मों को इनके रिलीज ईयर की वर्ल्डवाइड सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ऑलटाइम ब्लॉकबस्टर फिल्मों में गिना जाता है। इसके अलावा इन्हीं सालों में 'कभी खुशी कभी गम', 'कल हो ना हो', 'वीर-जारा', 'कभी अलविदा ना कहना' और 'माई नेम इज खान' जैसी फिल्मों ने शाहरुख खान को विदेशी फैन फॉलोविंग मिली।

2002-2010: निर्माता बने, और 'अपने खिलाफ़' भी खेले

2002 में उन्होंने पत्नी गौरी के साथ रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट शुरू की (कंपनी की स्थापना 2002 में हुई)। साथ ही उन्होंने रोमांस के दायरे से बाहर निकलना शुरू किया: 'स्वदेश' (2004) में नासा वैज्ञानिक, 'चक दे! इंडिया' (2007) में हॉकी कोच और 'माई नेम इज़ खान' (2010) में ऑटिज़्म से जुड़ा किरदार। 'चक दे' इसलिए ख़ास रही कि इसमें रोमांस नहीं था और गाने भी बहुत कम थे, फिर भी फिल्म हिट हुई। यानी दर्शक अब शाहरुख के नाम पर भरोसा करने लगे थे, सिर्फ़ उनके 'रोमांटिक हीरो' होने पर नहीं।

2013: 'चेन्नई एक्सप्रेस' और 200 करोड़ क्लब की वापसी

मास एंटरटेनर की तरफ़ बड़ा मोड़ रोहित शेट्टी के साथ आया। द नेशनल के अनुसार 'चेन्नई एक्सप्रेस' ने सिर्फ़ दो हफ़्तों में 200 करोड़ रुपये कमाए और आमिर खान की 'थ्री इडियट्स' का रिकॉर्ड तोड़ा। फिल्म ने आखिर में 227 करोड़ रुपये कमाए, जबकि 'हैप्पी न्यू ईयर' ने 205 करोड़ रुपये का आँकड़ा छुआ। यह शाहरुख के करियर का वह शिखर था जिसके बाद राह उतार की तरफ़ बढ़ गई।

2016-2018: गिरावट के आंकड़े और 'जीरो' का झटका

अब तक की सबसे कठिन अवधि। बॉलीवुड हंगामा के आँकड़े देखें तो शाहरुख की फिल्मों के पहले दिन की कमाई लगातार गिरी: 'हैप्पी न्यू ईयर' ₹42.60 करोड़, 'चेन्नई एक्सप्रेस' ₹33.10 करोड़, 'दिलवाले' ₹21 करोड़, 'रईस' ₹20.42 करोड़, 'फैन' ₹19.20 करोड़ और 'जब हैरी मेट सेजल' ₹15.25 करोड़। यानी कुछ ही सालों में ओपनिंग तिहाई से भी कम रह गई।

बॉक्स ऑफिस विश्लेषक तरन आदर्श ने 2018 में कहा था कि वे अकेले खान हैं जिनके नाम 300 करोड़ की हिट नहीं है, और 'फैन' के बाद से उनकी कोई हिट नहीं आई। फिर दिसंबर 2018 की 'जीरो' आई, जिसकी विफलता पर फिल्म 100 करोड़ का आँकड़ा भी पार नहीं कर पाई।

इस पतन की एक वजह इंडस्ट्री के जानकारों ने यह बताई कि शाहरुख ने 'जब हैरी मेट सेजल', 'फैन' और 'जीरो' जैसी फिल्मों से मल्टीप्लेक्स सिनेमा में पैर जमाने की कोशिश की, जो नहीं चलीं। इसके बाद 'लाल सिंह चड्ढा' और 'ब्रह्मास्त्र' में सिर्फ़ कैमियो ही दिखे, और चार साल बिना लीड रोल के निकल गए।

2023: चार साल के ब्रेक के बाद 'पठान', 'जवान', 'डंकी' से हिट की हैट्रिक

शाहरुख खान ने जब चार साल के ब्रेक के बाद कमबैक किया तो उनका अंदाज रोमांटिक नहीं, बल्कि एक्शन हीरो के रूप में बदला हुआ नजर आया. साल की शुरुआत में 'पठान' के साथ पहले ही दिन दुनिया भर में 100 करोड़ रुपये की कमाई हुई। फिर आई 'जवान' जिसने दुनिया भर में 1,148.32 करोड़ रुपये के साथ पिछली सारी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया। वहीं, इसी साल की तीसरी फिल्म 'डंकी' करीब 470 करोड़ रुपये की कमाई की। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 2023 में हिंदी फिल्म उद्योग की कुल 4,418 करोड़ रुपये की कमाई में से 2,600 करोड़ रुपये शाहरुख खान की इन तीन फिल्मों से आए। इंडियन फिल्मों के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था कि एक ही एक्टर की दो फिल्में एक ही साल में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्में बनीं।

2025-26: पहला नेशनल अवॉर्ड और 'किंग' की बारी

तीन दशक से ज्यादा के फिल्मी करियर में 1 अगस्त 2025 को घोषित 71वें नेशनल अवॉर्ड्स में शाहरुख को 'जवान' के लिए पहली बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के सम्मान से नवाजा गया, जिसे उन्होंने विक्रांत मैसी (‘12वीं फेल') के साथ शेयर किया। द प्रिंट के रिपोर्ट के अनुसार, इस अवॉर्ड को उनके डेब्यू के 33 साल बाद मिला पहला राष्ट्रीय पुरस्कार बताया गया।

शाहरुख खान की आने वाली फिल्म 'किंग'

अगर शाहरुख खान ने आने वाले प्रोजेक्ट के बारे में बात करें तो जल्द ही अभिनेता की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'किंग' है। बता दें कि सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बन रही यह फिल्म 24 दिसंबर 2026 को रिलीज होगी। इसकी कास्ट में दीपिका पादुकोण, सुहाना खान और जयदीप अहलावत भी हैं।