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भेंसे पर सवार काले वस्त्र पहने आएगे सूर्य देव…सावधान! विद्वानों के लिए आ रहें कष्ट के दिन…

इस बार संक्रान्ति का वाहन भैंसा है तथा उपवाहन ऊंट है
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बूंदी

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Suraksha Rajora

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Updated: 20 Dec 2017, 3:41 PM IST

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बूंदी. मकर संक्रान्ति इस बार सर्वार्थ सिद्धि योग में भैंसे पर सवार होकर आएगी। 14 जनवरी को मकर संक्रान्ति का महापर्व रहेगा। इस बार मकर राशि में भगवान सूर्य का प्रवेश रविवार दोपहर 1.47 बजे होगा। इस दिन प्रदोष होने से भगवान शिव व सूर्य देव की उपासना श्रेष्ठ फलकारी रहेगी। संका्रन्ति का प्रवेश दोपहर में होने से सम्पूर्ण दिन पुण्यकाल रहेगा। जातक इस दिन कभी भी दान पुण्य कर सकते है। ज्योतिषाचार्य अमित जैन ने बताया कि अधिकतर मकर संक्रान्ति से मांगलिक कार्य शुरू हो जाते है, लेकिन तारा शुक ग्रह अस्त होने के कारण शुभ मंगल कार्य ४ फरवरी के बाद ही हो सकेंगे। संक्रान्ति का पर्व सूर्य देव का है। इस दिन रविवार और सर्वार्थ सिद्वि योग होने से इसकी महत्ता चार गुना बढ़ जाती है। संक्रान्ति पर स्नान और दान का विशेष महत्व माना है।

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क्या है संक्रान्ति

सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश को संक्रान्ति कहते है। इसमें धनु राशि से सूर्य निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष गणना के अनुसार सूर्य की १२ संक्रान्ति होती है उसमें मकर संक्रान्ति का सर्वाधिक महत्व है। इस दिन सूर्य अपनी चाल बदलते हुए दषिणायन से उत्तरायण में प्रवेश करते है।

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यह रहेगी स्थिति

इस बार संक्रान्ति का वाहन भैंसा है तथा उपवाहन ऊंट है। रविवार को होने से धोरा नाम बनता है। काले वस्त्र पहने हुए तथा हाथ में भाला धारण कर रखा है। ज्योतिषियों के अनुसार संक्रान्ति के लक्षण आदिवासियों, अल्पसंख्यक वर्ग, गरीब व्यक्तियों के शुभकारी रहेगी। धार्मिक गुरुओं, विद्वान,शिक्षकों, रक्षाकर्मियों को कष्टकारी हो सकती है। राजस्थान,मध्यप्रदेश, तमिलनाडू, केरल, कर्नाटक, आन्द्रप्रदेश में संक्रान्ति की दृष्टि होने से प्राकृतिक आपदा राजनीतिक परिवर्तन के योग बनेगें। सोना,चांदी, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक आइटम, दवाइयां, शेयर बाजार में तेजी रहेगी। सभी धान्य एवं तरल पदार्थ में भारी उतार चढ़ाव के योग है।

तिल तड़क्या और दिन भड़क्या

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो मकर संक्रान्ति से ही मौसम चक्र भी बदल जाता है। हाड़ौती की कहावत भी है तिल तड़क्या और दिन भड़क्या, यानि दिनों में एक तिल के बराबर गर्मी की शुरुआत हो जाती है। पृथ्वी और सूर्य की दूरी कम होने से दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती है।


किस जातक पर क्या प्रभाव-
मेष- सभी रुके हुए कार्य बनेंगे।
वृष-संघर्ष का सामना करना पड़ेगा।
मिथुन-मांगलिक कार्य के योग बनेंगे।
कर्क-धन व मान सम्मान में वृद्धि।
सिंह-भवन-भूमि का लाभ होगा।
कन्या-स्थान परिवर्तन के योग बनेेंगे।
तुला-नया कारोबार, शत्रु विजय होगी।
वृश्चिक-उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे।
धनु-प्रोपटी, पविार में धन खर्च।
मकर-मानसिक अंशाति बनी रहेगी।
कुंभ-मांगलिक कार्य में धन खर्च।
मीन-प्रमोशन, धन लाभ के योग