29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Why Share Market Rise Today: दिवाली से पहले 5 लाख करोड़ का फायदा, 900 पॉइंट उछला सेंसेक्स, जानिए इस तेजी के 5 बड़े कारण

Stock Market News: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार तेजी आई। सेंसेक्स करीब 900 अंक चढ़कर बंद हुआ है। अमेरिकी फेड के ब्याज दरें स्टेबल रखने, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और रुपये में सुधार से बाजार को सपोर्ट मिला।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Pawan Jayaswal

•

Updated: 29 Oct 2026, 3:56 PM IST

Share Market Today

शेयर बाजार बढ़त लेकर बंद हुआ है। (PC: AI)

भारतीय शेयर बाजार आज गुरुवार को भारी बढ़त लेकर बंद हुआ है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स आज 1.24 फीसदी या 905 अंक की बढ़त के साथ 74,151 पर बंद हुआ है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी आज 1.05 फीसदी या 237 अंक की बढ़त के साथ 22,936 पर बंद हुआ। बाजार बंद होते समय सेंसेक्स पैक के 30 शेयरों में से 26 शेयर हरे निशान पर और 4 शेयर लाल निशान पर थे। इस तेजी के साथ बीएसई में लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल बाजार मूल्य करीब 5 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 477 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया।

सेंसेक्स के शेयरों का हाल

शेयर बाजार में आज क्यों आई भारी तेजी?

  1. अमेरिकी फेड ने ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने महंगाई की चिंता बने रहने के बावजूद अपनी प्रमुख ब्याज दर को करीब 3.9% के स्तर पर स्टेबल रखा। फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने संकेत दिया कि मौजूदा नीतियों का असर दिखने लगा है। इससे बाजार को कुछ राहत मिली। हालांकि, फेड ने आगे ब्याज दरों को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। अर्थशास्त्रियों के बीच दिसंबर में ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है। CME FedWatch के आंकड़ों के मुताबिक, बाजार इस संभावना को करीब 85% मान रहा है।

  1. LTCG टैक्स में कटौती की उम्मीद से बढ़ा उत्साह

भारतीय शेयर बाजार में तेजी की एक वजह लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स में संभावित बदलाव की उम्मीद भी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल में कहा था कि एलटीसीजी टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को लेकर चर्चा जारी है। इसके बाद निवेशकों के बीच टैक्स में राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है। टैक्स में संभावित कटौती विदेशी निवेशकों को भारतीय बाजार में दोबारा निवेश के लिए प्रोत्साहित कर सकती है। इसका फायदा खासतौर पर बैंकिंग, एनर्जी और बड़ी कंपनियों के शेयरों को मिल सकता है।

  1. विदेशी निवेशकों ने फिर बढ़ाई खरीदारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी भी बाजार को सपोर्ट दे रही है। एनएसई के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में करीब 872 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। इससे पहले मंगलवार को उन्होंने 4,198 करोड़ रुपये और शुक्रवार को 2,098 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। इससे संकेत मिलता है कि पहले भारी बिकवाली करने वाले विदेशी निवेशक अब चुनिंदा शेयरों में दोबारा पैसा लगा रहे हैं। हालांकि, इसे अभी विदेशी निवेशकों की खरीदारी में स्थायी बदलाव नहीं माना जा सकता।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपये में सुधार

अमेरिकी फेड के फैसले के बाद डॉलर में कुछ नरमी आई, जिसका असर रुपये पर भी दिखा। गुरुवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 11 पैसे मजबूत होकर 95.17 के स्तर पर पहुंच गया। इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95.20 पर खुला था। इसके बाद इसमें सुधार हुआ और यह 95.17 प्रति डॉलर तक पहुंच गया। डॉलर में नरमी, अमेरिकी दो साल के बॉन्ड यील्ड में गिरावट और एशियाई मुद्राओं में मजबूती रुपये को सहारा दे सकती है।

  1. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट

अमेरिकी बॉन्ड बाजार से भी शेयर बाजार को राहत मिली। 10 साल के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 5% के अहम स्तर से नीचे आ गई। 30 साल के बॉन्ड की यील्ड घटकर करीब 5.3% और दो साल के बॉन्ड की यील्ड 4.69% पर आ गई। बॉन्ड यील्ड में गिरावट से निवेशकों के लिए शेयर बाजार जैसे विकल्प अपेक्षाकृत आकर्षक हो सकते हैं। इसकी वजह यह है कि जब बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न कम होता है, तो निवेशक बेहतर रिटर्न की उम्मीद में शेयरों की ओर रुख कर सकते हैं।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)