
हवलदार जितेंद्र सिंह चौहान (Photo-Patrika)
चित्तौड़गढ़. जिले के गंगरार इलाके के सूरत सिंहजी का खेड़ा गांव निवासी हवलदार जितेंद्र सिंह चौहान (41) का असम में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। जितेंद्र सिंह 629 साटा बैटरी यूनिट में आरटी हवलदार के पद पर तैनात थे। परिवार को सेना की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, ड्यूटी के दौरान उनका ऑक्सीजन लेवल कम हो गया था, जिसके बाद उन्हें हार्ट अटैक आया और उनकी मौत हो गई।
बता दें कि जितेंद्र सिंह ने करीब 22 साल तक भारतीय सेना में सेवाएं दीं। उनका 25 दिन बाद प्रमोशन होने वाला था। वे हवलदार से नायब सूबेदार बनने वाले थे। प्रमोशन से ठीक पहले आई उनके निधन की खबर से परिवार और पूरे गांव में शोक का माहौल है। आज उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचने की संभावना है, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
जितेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर असम में पोस्टमॉर्टम और सेना की जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजस्थान लाया जाएगा। प्रशासन के मुताबिक, उन्हें एयर एम्बुलेंस से लाने की तैयारी है। इसके बाद नसीराबाद छावनी की टीम पार्थिव शरीर को लेकर उनके पैतृक गांव सूरत सिंहजी का खेड़ा पहुंचेगी। जवान के आने से पहले ही गांव में अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। श्मशान स्थल की सफाई के साथ बाकी जरूरी इंतजाम भी किए जा रहे हैं।
जितेंद्र सिंह के परिवार में माता-पिता, पत्नी और दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी कीर्तिराज है, जबकि छोटी बेटी सौम्या करीब एक साल की है। उनके छोटे भाई ललित सिंह राजस्थान पुलिस में कार्यरत हैं। परिवार के लिए जितेंद्र सिंह का यूं अचानक चले जाना बड़ा सदमा है। निधन की सूचना के बाद से ही परिजन उनके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।
भाजपा नेता सीपी जोशी ने जितेंद्र सिंह चौहान के निधन पर दुख जताते हुए उन्हें मां भारती का वीर सपूत बताया। उन्होंने दिवंगत जवान की आत्मा की शांति और उनके परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल देने की प्रार्थना की।
गांव के लोगों के अनुसार, जितेंद्र सिंह जब भी छुट्टी पर घर आते थे तो युवाओं से सेना में भर्ती होने और देश सेवा करने की बात करते थे। करीब दो दशक से ज्यादा समय तक सेना में रहने के कारण उन्हें गांव में सम्मान की नजर से देखा जाता था। उनके निधन की खबर के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। ग्रामीण भी अंतिम विदाई की तैयारियों में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।
Updated on:
08 Oct 2026 11:40 am
Published on:
08 Oct 2026 11:18 am
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