
Churu: एजीटीएफ की गिरफ्त में दोनों शार्प शूटर (फोटो-पत्रिका)
चूरू। संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने सरदारशहर में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से दो विदेशी पिस्टल, चार मैगजीन और 49 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार किसके इशारे पर मंगवाए गए थे और दोनों आरोपी किस वारदात की तैयारी में थे।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरदेसर निवासी 26 वर्षीय अनिल कुमार पुत्र धनपत जाट और सरदारशहर के वार्ड 25, सोमनाथ मंदिर के पास निवासी 28 वर्षीय नितेश बगड़िया पुत्र रामावतार जाट के रूप में हुई है।
प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों के गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के संबंध रोहित गोदारा और महेंद्र ढेलाना गैंग से होने की बात सामने आई है। इसी आधार पर पुलिस अब उनके संपर्कों और स्थानीय नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों आरोपी सरदारशहर में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी में तो नहीं थे। दो पिस्टल और 49 कारतूस की बरामदगी के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस आरोपियों की गतिविधियों और हथियारों की उपलब्धता को जोड़कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही है।
कार्रवाई में एजीटीएफ के हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार मीणा की विशेष भूमिका बताई गई है। एजीटीएफ प्रभारी आईपीएस अभिजीत पाटिल के नेतृत्व में टीम ने सरदारशहर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार किया। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हथियारों की सप्लाई करने वालों और गैंग से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
दो विदेशी पिस्टल, चार मैगजीन और 49 जिंदा कारतूस मिलने के बाद पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। हथियार आरोपियों तक कहां से पहुंचे, इन्हें किसने उपलब्ध कराया और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं, इसकी जांच की जा रही है। आरोपियों के स्थानीय संपर्कों और हाल की गतिविधियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
कार्रवाई में एजीटीएफ टीम के साथ सरदारशहर थाने के एसआई रामकरण सिद्धू, एएसआई हिम्मतसिंह, विनोद कुमार, हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार, कांस्टेबल लीलाधर मीणा और कांस्टेबल लीलाधर प्रजापत की भूमिका रही। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर हथियारों की सप्लाई और गैंग नेटवर्क से जुड़े तथ्यों को खंगाल रही है। मामले में पूछताछ आगे बढ़ने के साथ और खुलासे होने की संभावना है।
Updated on:
30 Sept 2026 04:09 pm
Published on:
30 Sept 2026 04:06 pm
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