6 अगस्त 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

फिक्सिंग के मामले पर बीसीसीआई ने कहा, सब पर निगाह है, लॉकडाउन के बाद करेंगे जांच

ICC की भ्रष्टाचार रोधी इकाई ने कहा कि हर देश के बोर्ड और क्रिकेटर सावधान रहें। फिक्सर सक्रिय हैं। इसी पर BCCI की प्रतिक्रिया आई है।
2 min read
Google source verification
ICC BCCI

ICC BCCI

नई दिल्ली : कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के कारण इस वक्त पूरी दुनिया में कहीं भी क्रिकेट नहीं हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू हर तरह की क्रिकेट गतिविधि को या तो स्थगित कर दिया गया है या फिर रद्द। इस कारण अपने प्रशंसकों से जुड़े रहने के लिए क्रिकेटर ज्यादा वक्त सोशल मीडिया पर बिता रहे हैं। उनके वालों का जवाब दे रहे हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) की भ्रष्टाचार रोधी इकाई (ACU) ने कहा कि हर देश का बोर्ड और क्रिकेटर सावधान रहें। फिक्सर सक्रिय हैं। एसीयू प्रमुख एलेक्स मार्शल ने कहा कि बुकीज सोशल मीडिया के माध्यम से खिलाड़ियों से रिश्ता गांठने के फिराक में है। इसके बावजूद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) इसे लेकर ज्यादा परेशान नहीं नजर आ रहा है।

Coronavirus : युवराज सिंह अब दिल्ली की मदद को आगे आए, चिकित्साकर्मियों की मदद को दी 15 हजार मास्क

बीसीसीआई ने कहा, हमें खिलाड़ियों पर भरोसा

बीसीसीआई के एसीयू प्रमुख अजीत सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अपने खिलाड़ियों पर पूरा भरोसा है। हमने अपने खिलाड़ियों को अच्छी तरह से समझा रखा है कि फिक्सर किस तरह से संपर्क करते हैं। इसके अलावा यह भी बता रखा है कि बुकीज का सोशल मीडिया पर काम करने का तरीका क्या होता है। हमारे खिलाड़ी यह जानते हैं कि बुकीज उनके साथ ऐसा व्यवहार करेंगे, जैसे प्रशंसक हों। वहीं वह खिलाड़ियों के पहचान के लोगों के जरिये आपसे मिलने की कोशिश भी कर सकते हैं। अजीत सिंह ने कहा कि अगर कोई ऐसा करता है तो हमारे खिलाड़ी तुरत इसकी रिपोर्ट करते हैं।

गंभीर ने आफरीदी पर किया पलटवार, बोले- मौकापरस्त लोगों के प्रति रहता है एटीट्यूड खराब

सब पर रखते हैं निगाह

अजीत सिंह से जब यह पूछा गया कि क्या सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले बड़े खिलाड़ियों के कंटेंट पर ध्यान रखते हैं तो उन्होंने कहा कि जिस चीज पर भी ऑनलाइन नजर रखी जा सकती है, हम उन सब पर निगाह रखते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि लॉकडाउन में इस बात की पूरी सत्यता की जांच करना और स्थान का पता लगाना संभव नहीं है। इसके बावजूद जो कुछ भी हमारी निगाह में आता है, वह हमारी डेटा बेस में चला जाता है। लॉकडाउन खत्म होते ही इसकी जांच कर लेंगे।