
भारतीय टी-20 टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर। (Photo- ANI)
Shreyas Iyer big innings: भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 इंटरनेशनल सीरीज के पहले मुकाबले में ताबड़तोड़ शतक (43 गेंद में नाबाद 102 रन) जड़कर सुर्खियों में हैं। उनकी इस विस्फोटक पारी के बाद क्रिकेट फैंस को अगले मुकाबले में भी उनसे एक और बड़ी पारी की उम्मीद है। हालांकि उनके करियर में यह पहली बार नहीं है, जब उन्होंने यादगार पारी खेली है।
उन्होंने करियर में कई ऐसी शानदार पारियां रही हैं, जिन्होंने सिर्फ स्कोरबोर्ड पर आंकड़े नहीं जोड़े, बल्कि उनके करियर की दिशा भी तय की। कुछ पारियों ने उन्हें भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की करने का मौका दिया, तो कुछ ने चोट के बाद उनकी वापसी को यादगार बना दिया। वहीं, कुछ पारियों ने बड़े मुकाबलों में उनके प्रदर्शन और कप्तानी की क्षमता को एक नई पहचान दी।
श्रेयस अय्यर के करियर में ऐसे कई मौके आए, जब उन्होंने दबाव के बीच बल्ले से अपनी काबिलियत साबित की और टीम के लिए अहम भूमिका निभाई। आइए नजर डालते हैं उनके करियर की उन पांच यादगार पारियों पर, जिन्होंने उनके सफर को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई।
मुंबई और सौराष्ट्र के बीच रणजी ट्रॉफी फाइनल में अय्यर ने 117 रन की शानदार पारी खेली। यह उनके घरेलू करियर की महत्वपूर्ण पारियों में से एक रही। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया और मुंबई ने खिताब जीता। यह पारी बताती है कि बड़े मंच पर जिम्मेदारी उठाने की उनकी क्षमता काफी पहले सामने आ चुकी थी।
कानपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू पर अय्यर ने 105 रन बनाए। वह टेस्ट डेब्यू में शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की खास सूची में शामिल हो गए। इस पारी ने उन्हें सिर्फ सफेद गेंद के खिलाड़ी की पहचान से आगे बढ़ाकर टेस्ट क्रिकेट के दावेदार के रूप में स्थापित किया।
2023 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल शायद अय्यर के करियर की सबसे महत्वपूर्ण पारियों में से एक है। उन्होंने सिर्फ 70 गेंदों में 105 रन बनाए। उनकी पारी में 8 छक्के और 4 चौके शामिल थे। भारत ने 397 रन बनाए और फाइनल में जगह बनाई। यह पारी चोट से वापसी के बाद उनके आत्मविश्वास और बड़े मंच पर प्रदर्शन की क्षमता का बड़ा उदाहरण बनी।
न्यूजीलैंड के खिलाफ 2025 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में अय्यर ने 48 रन बनाए। यह शतक नहीं था, लेकिन परिस्थिति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण पारी थी। दुबई की धीमी पिच पर रन बनाना आसान नहीं था और अय्यर ने बीच के ओवरों में पारी को संभालते हुए भारत की जीत की नींव मजबूत की। भारत ने यह मुकाबला जीतकर खिताब अपने नाम किया।
6 अक्टूबर 2026 को वेस्टइंडीज के खिलाफ अय्यर ने अपने T20I करियर का पहला शतक लगाया। भारत ने 172 रन का लक्ष्य रखा था और टीम 35/2 के स्कोर पर मुश्किल में थी। इसके बाद अय्यर ने 42 गेंदों में शतक पूरा किया और 43 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाकर भारत को आठ विकेट से जीत दिलाई। यह पारी इसलिए भी खास रही क्योंकि इससे पहले वह लगातार 10 T20I पारियों में 30 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाए थे।
इन पांच पारियों को देखें तो अय्यर के करियर की एक खास तस्वीर सामने आती है। रणजी फाइनल की पारी ने उन्हें घरेलू क्रिकेट में बड़े मैच का खिलाड़ी साबित किया, टेस्ट डेब्यू के शतक ने उनकी क्षमता का दायरा बढ़ाया, विश्व कप सेमीफाइनल की पारी ने उन्हें बड़े मंच पर स्थापित किया, चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल की पारी ने दबाव में उनकी उपयोगिता दिखाई और 2026 का T20I शतक एक और वापसी की कहानी बन गया। यानी श्रेयस अय्यर की कहानी केवल शतकों की नहीं है। उनकी कुछ सबसे महत्वपूर्ण पारियां वे हैं, जो सही समय पर आईं और उनके करियर की अगली मंजिल का रास्ता खोल गईं।
Updated on:
08 Oct 2026 08:38 am
Published on:
08 Oct 2026 08:38 am
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