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CG crime: सडक़ पर बर्थडे पार्टी मनाने से रोका तो प्रधान आरक्षक के घर घुसकर मचाया उत्पात, 3 नाबालिग समेत 7 गिरफ्तार

CG crime: प्रधान आरक्षक को रास्ते में रोक कर की गाली-गलौज और दी धमकी, बाद में आधी रात लात मारकर पुलिसकर्मी के घर का दरवाजा खुलवाया और मचाया उत्पात
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सुरजपुर

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 2 Jul 2024, 9:16 PM IST

Cg crime

दतिमा मोड़/बिश्रामपुर. CG crime: जिले में बेखौफ हुए असामाजिक तत्वों के हौसले दिनो दिन बढ़ते जा रहे हैं। आमजनों के साथ आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के बाद अब बदमाश पुलिस के भी साथ मारपीट करने उतारू हो जा रहे हैं। ताजा मामला करंजी चौकी क्षेत्र का है। यहां 1 जुलाई की रात कुछ युवा सडक़ पर बर्थ-डे बना रहे थे। इस दौरान वहां से गुजर रही पुलिस ने उन्हें सडक़ किनारे होकर जन्मदिन सेलिब्रेट करने कहा तो वे पुलिसकर्मियों से उलझ गए। बाद में उन्होंने एक प्रधान आरक्षक से पहले गाली-गलौज की और फिर उसके घर जाकर जमकर उत्पात (CG crime) मचाया।


गौरतलब है कि 1 जुलाई की रात करीब 9 बजे दतिमा चौक में सडक़ जाम कर बर्थडे पार्टी मना रहे मनचले युवकों द्वारा ग्राम पंचायत दतिमा निवासी विकेश राजवाड़े का जन्मदिन सेलिब्रेट करने बिश्रामपुर-भटगांव मुख्य मार्ग पर केक काटने व आतिशबाजी का कार्यक्रम किया जा रहा था।

तभी करंजी के पुलिस कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर सडक़ जाम नहीं करने और किनारे होकर बर्थ डे पार्टी मनाने की सलाह दी गई। इसी बात पर मनचले युवकों ने पुलिस कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। इसके पश्चात स्थिति बिगड़ती देख पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी ने मौके पर पहुंचकर विवाद शांत कराया फिर चली गई।

पुलिस के जाने के बाद नशे में धुत युवकों का हौसला और बढ़ गया। इसके बाद जिस प्रधान आरक्षक राजकुमार सिंह ने उन्हें ऐसा करने से मना किया था, दर्जन भर युवक बर्थडे पार्टी मनाना छोड़ पुलिस कर्मी को सबक सिखाने उसे खोजने निकल गए।

रास्ते में प्रधान आरक्षक मिला तो की गाली-गलौज

इसी बीच करंजी चौकी के प्रधान आरक्षक राजकुमार सिंह की तलाश में लगे युवकों ने उसे चौकी का डाक लेकर बिश्रामपुर थाने जाते देख लिया। इसके पश्चात ग्राम दतिमा से पीछा करते हुए मुख्य आरोपी भूषण बघेल व उसके साथी आईटीआई कॉलोनी के पास रास्ता रोककर प्रधान आरक्षक राजकुमार सिंह से गाली-गलौज करने लगे। युवकों से खुद को अकेला घिरा पाकर प्रधान आरक्षक वहां से थाना न जाकर अपने घर चला गया।

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रात में लात मारकर दरवाजा खुलवाया, फिर मचाया उत्पात

यहां करीब रात 11.30 बजे मुख्य आरोपी भूषण बघेल सहित नंद गोपाल पिता बिजेश्वर राजवाड़े, विकेश राजवाड़े पिता खिलाचंद राजवाड़े, ललित राजवाड़े पिता दिगंबर राजवाड़े, टेम साय पिता डिगनाथ राजवाड़े, द्रोणाचार्य राजवाड़े, राहुल राजवाड़े, ललित राजवाड़े व तीन अन्य नाबालिग प्रधान आरक्षक राजकुमार सिंह के केशवनगर स्थित आवास पहुंच गए और घर के दरवाजे को लात मारकर खुलवाया।

इसके पश्चात प्रधान आरक्षक को खोजते हुए घर के भीतर घुस गए। धक्का-मुक्की व गाली गलौज उपरांत विवाद बढ़ता देख प्रधान आरक्षक राजकुमार ने बिश्रामपुर में रहने वाले साथी पुलिस कर्मियों को फोन कर घटना की जानकारी देकर उन्हें बुला लिया।

इधर पुलिस से अपने को घिरता देखकर युवक वहां से भाग निकले। इस गंभीर घटना की जानकारी सरगुजा आईजी व एसएसपी को मिलने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और पुलिस आरोपियों के धरपकड़ में जुट गई।

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पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ दर्ज किया अपराध

बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी भूषण बघेल, नंद गोपाल राजवाड़े, विकेश राजवाड़े, ललित राजवाड़े सहित तीन नाबालिग किशोरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश सरगर्मी से शुरू कर दी है।

पुलिस ने प्रधान आरक्षक राजकुमार सिंह की रिपोर्ट पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 296, 351 (2), 120 (2), 115 (2), 221, 132, 191 (2), 331 (6) के तहत जुर्म दर्ज किया है। आरोपियों को गिरफतार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है।

मुख्य आरोपी ने आईजी को फोन लगाकर की झूठी शिकायत

बताया जा रहा है कि मामले के मुख्य आरोपी भूषण बघेल ने घटना के बाद पुलिस जब उसको हिरासत में लेने तलाश कर रही थी। इस बात की भनक उसे लग गई और देर रात को आईजी अंकित गर्ग को फोन लगाकर उन्हें पुलिस द्वारा परेशान करने का आरोप लगा उल्टा पुलिस की ही झूठी शिकायत करने लगा।

आईजी ने जब एसएसपी एमआर आहिरे से घटना की जानकारी ली, फिर एसएसपी ने बिश्रामपुर टीआई अलरिक लकड़ा से मामले के संबंध में पूछा तब पता चला कि आरोपी भूषण बघेल व उसके साथियों ने पुलिसकर्मी के घर देर रात घुस गाली गलौज व हंगामा किया है। फिर पुलिस सक्रिय हुई और आरोपियों की गिरफ्तारी में जुट गई।