
नई दिल्ली। बुराड़ी के एक ही परिवार के 11 लोगों के फांसी लगा कर मरने के मामले में रोज नए तथ्य सामने आ रहे हैं। इस मामले में जांच करने वालों का कहना है कि यह मनोविकार से पीड़ित लोगों की सामूहिक आत्महत्या का मामला है। बुराड़ी में मृत परिवार के घर से मिले रजिस्टर से इस मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत के रहस्य को सुलझाने में जुटी क्राइम ब्रांच का कहना है कि ललित भूतों और आत्माओं की कहानियों में बहुत दिलचस्पी रखता था। वह यू ट्यूब पर भूतों के वीडियो खूब देखता था और रात के वक्त श्मशानों में घूमता था।
रजिस्टरों से मिले अहम सुराग
मामले के सभी तारों को जोड़ने में उन रजिस्टरों से काफी मदद मिल रही है जिसमें फांसी लगाने के तरीके और इससे जुड़ी हर क्रिया का विस्तार से जिक्र है। एक रजिस्टर में ललित की भूतप्रेत क्रियाओं का तफ्सील से वर्णन किया गया है। क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने बताया है कि प्रियंका और ललित दोनों ने फेसबुक पर घोस्ट पेज के साथ आध्यात्मिक और मोटिवेशनल विचारों वाले पेज को लाइक किया था। रजिस्टर के अनुसार ललित अपने मोबाइल इंटरनेट का इस्तेम्मल कर भूतों और मौत के रहस्यों से जुड़े वीडियो अक्सर देखता था। इसके अलावा वह यू ट्यूब पर भूतों और तांत्रिक क्रियाओं से जुड़े वीडियो खूब देखता था।
तांत्रिक अनुष्ठान के तहत मौतें
पुलिस के अनुसार घर में 11 पाइपों, 11 जालों वाले झरोखों और ११ रजिस्टरों का मिलना बड़ा दिलचस्प है। रजिस्टरों पर 10 साल पहले मरे ललित के पिता की आत्मा से हुई हर बातचीत दर्ज है। ललित पूरे घर को धमकी देता था कि अगर उसका कहना नहीं माना गया तो डैडी सबको खत्म कर देंगे। इस वजह से पूरा घर उसकी कोई बात नहीं टालता था। ललित अकसर अपने पिता की आत्मा से मिलने श्मशान भी जाया करता था।
ये है ख़ुदकुशी का राज
रजिस्टर में 30 जून 2018 की आखिरी एंट्री है जो इस घटना का राज खोलती है। रजिस्टर के अंतिम पन्ने पर लिखा है- 'घर का रास्ता, 9 लोग जाल में, बेबी मंदिर के पास स्टूल पर, 10 बजे खाने का ऑर्डर, मां रोटी खिलाएगी, क्रिया शनिवार-रविवार रात के बीच होगी, मुंह में ठूंसा होगा गीला कपड़ा, हाथ बंधे होंगे। तुम कप में पानी तैयार रखना, जैसे ही इसका रंग बदलेगा, मैं प्रकट होऊंगा और सबको बचाऊंगा।' पुलिस के मुताबिक यह सब एक तांत्रिक क्रिया का हिस्सा लगता है लेकिन उसके बाद जब परिवार ने सुसाइड अटेम्प्ट किया तो सब कुछ एक्सीडेंटल हुआ। रजिस्टर में लिखा है कि इस प्रक्रिया के बाद आत्मा प्रकट होंगे और सबके हाथ खोलेगी । आत्मा किसी एक सदस्य का हाथ खोलती और उसके बाद सबको एक दूसरे के हाथ खोलने थे। परिवार के लोगों का विश्वास था कि इस प्रक्रिया से उनकी शक्तियां बढ़ जाएंगी।
Published on:
07 Jul 2018 09:45 am
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